लखनऊ , अक्टूबर 19 -- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि मां सिद्धिदात्री के आशीर्वाद से प्रदेश की नारीशक्ति अपने सामर्थ्य, संकल्प और आत्मविश्वास के बल पर राज्य की प्रगति एवं समृद्धि में निर्णायक भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि नारी का सम्मान समाज में सुख, समृद्धि और कल्याण का आधार है तथा सशक्त नारी ही समृद्ध उत्तर प्रदेश की नींव है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में अराजकता और असुरक्षा का माहौल था। उनके अनुसार, उस समय गुंडे, माफिया और उपद्रवी सत्ता के समानांतर काम कर रहे थे तथा प्रदेश दंगों की घटनाओं से प्रभावित था।
उन्होंने कहा कि पर्व-त्योहारों से पहले उपद्रव की स्थिति पैदा होने के कारण अभिभावक अपनी बेटियों के सुरक्षित भविष्य को लेकर चिंतित रहते थे और उन्हें दूसरे राज्यों में भेजने के लिए मजबूर होते थे।
योगी ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ने अपराध और अपराधियों के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाते हुए कानून का शासन स्थापित करने पर जोर दिया। सरकार के प्रयासों से उत्तर प्रदेश ने उपद्रव की छवि से निकलकर उत्सव प्रदेश के रूप में अपनी पहचान बनाई है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, पिछले साढ़े नौ वर्षों में नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की दिशा में किए गए प्रयासों ने प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने दावा किया कि इस अवधि में प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी), प्रति व्यक्ति आय, बजट और महिला श्रमबल की भागीदारी तीन गुना हुई है। प्रदेश लगातार राजस्व अधिशेष की स्थिति में बना हुआ है और उसे 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़े कारखानों की संख्या लगभग ढाई गुना बढ़कर 14 हजार से 35 हजार हो गई है। निवेश के माध्यम से 65 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। इसके लिए रक्षा औद्योगिक गलियारे की भूमिका अहम है।
योगी ने कहा कि देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश में है। प्रदेश की कृषि विकास दर आठ प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हो गई है। निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से युवाओं को साढ़े नौ लाख सरकारी नौकरियां दी गई हैं, जबकि स्टार्टअप की संख्या 120 से बढ़कर 24 हजार से अधिक हो गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को पुनर्जीवित करने के प्रयासों से तीन करोड़ से अधिक रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। उन्होंने कहा कि उद्योग, निवेश, कृषि, रोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में हो रहे बदलाव प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहे हैं।
योगी ने कहा कि 'सशक्त नारी, समृद्ध उत्तर प्रदेश' के संकल्प के साथ सरकार 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने नारीशक्ति की भागीदारी को प्रदेश की प्रगति और समृद्धि का महत्वपूर्ण आधार बताया।
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