बेंगलुरु , मार्च 16 -- कर्नाटक विधान परिषद में विपक्ष के नेता चालवादी नारायणस्वामी ने डॉ. बी.आर. अंबेडकर के कथित अपमान को लेकर सोमवार को लेखिका बानु मुश्ताक के तत्काल गिरफ्तारी की मांग की और दलित संगठनों, हिंदुओं तथा मुसलमानों से सजा के तौर पर उन्हें सार्वजनिक रूप से थप्पड़ मारने का आह्वान किया।
विवाद तब शुरू हुआ जब बानु मुश्ताक ने कथित तौर पर रविवार को मांड्या जिले में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में डॉ. अंबेडकर की तस्वीर पर फूल चढ़ाते समय चप्पल पहनी हुई थी, जिससे राजनीतिक और सामाजिक समूहों में भारी आक्रोश फैल गया। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के आयोजकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने से पहले चप्पल उतारने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने यह कहते हुए इनकार कर दिया था कि चप्पल उनकी पहचान और सांस्कृतिक प्रतीकवाद का हिस्सा हैं।
इस कृत्य की श्री नारायणस्वामी ने तीखी आलोचना की और इसे अंबेडकर का 'घोर अपमान' बताया। उन्होंने कहा कि यह न केवल समाज सुधारक के प्रति अनादर है, बल्कि उन लोगों के प्रति भी अपमानजनक है जो उन्हें श्रद्धा की दृष्टि से देखते हैं। उन्होंने कहा, "उनका यह कृत्य श्री अंबेडकर, हिंदुओं और मुसलमानों का समान रूप से अपमान करता है।" उन्होंने प्रमुख इस्लामी धार्मिक नेताओं की चुप्पी पर भी सवाल उठाए।
श्री नारायणस्वामी ने उन पर यह आरोप भी लगाया कि उन्होंने चप्पलों को अपना कुलदेवता बताकर इस कृत्य का बचाव किया है। उन्होंने इसे 'अपमानजनक' बताया और कर्नाटक के समुदायों से उन्हें प्रतीकात्मक रूप से थप्पड़ मारने का आग्रह किया। उन्होंने कुछ दलित संगठनों के पाखंड पर भी प्रकाश डाला जिन्होंने अतीत में उनका समर्थन किया था लेकिन अब चुप हैं।
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