नारायणपुर , सितंबर 23 -- छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में पुलिस ने अवैध रूप से बंदूक निर्माण के आरोप में दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हथियार और उसके निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद करने का दावा किया है।

पुलिस से बुधवार सुबह मिली जानकारी के अनुसार कोहकामेटा थाना क्षेत्र के ग्राम किहकाड़ में अवैध हथियार बनाए जाने की सूचना मिलने के बाद 22 सितंबर को कार्रवाई की गई। थाना कोहकामेटा प्रभारी विनोद पासवान के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गांव पहुंचकर जयराम पोयाम उर्फ करवो के घर की घेराबंदी की और उसे हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान उसके भाई रामू पोयाम की भी संलिप्तता सामने आने पर पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऐश्वर्य चंद्राकर ने बताया, "22 सितंबर 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम किहकाड़ निवासी जयराम पोयाम उर्फ करवो और उसका भाई रामू पोयाम अवैध रूप से भरमार बंदूक का निर्माण कर रहे हैं. सूचना मिलने के बाद थाना कोहकामेटा प्रभारी विनोद पासवान के नेतृत्व में पुलिस टीम गांव पहुंची. टीम ने जयराम पोयाम के घर की घेराबंदी कर उसे पकड़ा. पूछताछ के दौरान जयराम ने अपने भाई रामू के साथ मिलकर अवैध रूप से भरमार बंदूक बनाने की बात स्वीकार की है।"पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों के कब्जे से अवैध हथियार के साथ भरमार बंदूक बनाने में प्रयुक्त सामग्री भी बरामद की गई है। जब्त सामग्री और हथियार की जांच की जा रही है तथा यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हथियार किस उद्देश्य से तैयार किए जा रहे थे और आरोपियों की गतिविधियों से अन्य कोई व्यक्ति जुड़ा था या नहीं।

इस बीच एक आरोपी ने सामान्य बातचीत में बताया कि खेतों में फसल को नुकसान पहुंचाने वाले जंगली जानवरों से बचाव और आत्मरक्षा के उद्देश्य से भरमार बंदूक बनाई गई थी। दोनों भाई परंपरागत रूप से कृषि औजार और लोहे से जुड़ी कृषि सामग्री बनाने का काम करते हैं। आदिवासी क्षेत्रों में इस तरह का परंपरागत कार्य करने वाले लोगों को लोहार कहा जाता है।

पुलिस ने इस मामले में कोहकामेटा थाने में अपराध क्रमांक 08/2026 दर्ज कर दोनों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत मामला पंजीबद्ध किया है। दोनों को 22 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस के मुताबिक नारायणपुर जिले में नक्सल विरोधी अभियान और खोज अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं तथा सूचना तंत्र के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस अब बरामद हथियार और निर्माण सामग्री से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

उल्लेखनीय है कि बंदूकों के निर्माण के लिए पूर्व में राज्य सरकारों की ओर से लाइसेंस जारी किए जाते थे लेकिन नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा कारणों से ऐसे हथियारों के निर्माण और उन्हें रखने पर प्रतिबंध लगाया गया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

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