नारायणपुर , मार्च 31 -- छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत मंगलवार को उस समय एक महत्वपूर्ण सफलता मिली जब एक लाख रुपये के इनामी सशस्त्र माओवादी कैडर ने हिंसा का रास्ता छोड़ते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) रॉबिंसन गुड़िया के समक्ष आत्मसमर्पण किया। बीजापुर निवासी यह नक्सली 26 साल का युवा है। जिले में अर्ध सैनिक बलों के साथ मिलकर पुलिस ने माओवादियों के ठिकानों से भारी मात्रा में हथियारों की बरामदगी भी की है।
एसपी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, उत्तर-पश्चिम संयुक्त सब-जोनल ब्यूरो टीडी टीम का सदस्य बिजलू मंडावी (26), निवासी पंचायत तुषवाल थाना बारसुर जिला बीजापुर ने पुलिस अधीक्षक गुड़िया के समक्ष आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। यह सफलता "पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन" पहल के अंतर्गत हासिल हुई है, जिसके तहत माओवादियों को समाज में पुनर्वास के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
पुलिस के ही अनुसार वर्ष 2025-26 में अब तक जिले में 302 माओवादी कैडर आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जबकि इसी अवधि में 270 हथियार बरामद किए गए हैं, जो क्षेत्र में शांति और विश्वास बहाली की दिशा में महत्वपूर्ण संकेत है।
केन्द्र सरकार एवं छत्तीसगढ़ शासन के नक्सलमुक्त राज्य के लक्ष्य के अनुरूप नारायणपुर में "माड़ बचाओ अभियान" के तहत लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पिछले एक महीने से नारायणपुर पुलिस, डीआरजी, आईटीबीपी और बीएसएफ के संयुक्त दलों द्वारा सुदूर और संवेदनशील क्षेत्रों में सघन तलाशी और एरिया डोमिनेशन अभियान संचालित किया गया। ग्रामीणों के सहयोग और सुदृढ़ आसूचना तंत्र की मदद से नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए कई डंप का पता लगाया गया।
संयुक्त कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों ने विभिन्न प्रकार के 59 हथियार बरामद किए हैं। इसके साथ ही 1856 राउंड कारतूस जब्त किए गए, जबकि खराब और खोखा सहित कुल 1908 गोला-बारूद बरामद हुआ। इसके अलावा बीजीएल राउंड और लॉन्चर सहित कुल 330 नग सामग्री भी जब्त की गई है। इसके अलावा विस्फोटक सामग्री मे 113 डेटोनेटर (इलेक्ट्रिक एवं नॉन-इलेक्ट्रिक), लगभग 300 मीटर कार्डेक्स एवं इलेक्ट्रिक वायर, 20 से अधिक प्राइमा कॉर्ड, और करीब 55 किलोग्राम विस्फोटक पाउडर एवं रसायन (बारूद, सल्फर, यूरिया आदि) बरामद किए गए हैं। इसके अतिरिक्त बम, आईईडी, ग्रेनेड, बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दैनिक उपयोग की वस्तुएं भी बड़ी मात्रा में जब्त की गई हैं।
बरामद हथियारों में इंसास एलएमजी, स्टेनगन, 303 रायफल, 315 रायफल, 12 बोर बंदूक, रिवॉल्वर, 9 एमएम पिस्टल, बीजीएल लॉन्चर और भरमार बंदूक शामिल हैं। वहीं, विभिन्न प्रकार के मैगजीन, एके-47, एसएलआर, इंसास और अन्य हथियारों के सैकड़ों जिंदा राउंड भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार इस कार्रवाई से नक्सलियों की लॉजिस्टिक सप्लाई, हथियार आपूर्ति और आईईडी निर्माण क्षमता को जोरदार झटका लगा है। यह अभियान नक्सल गतिविधियों पर नियंत्रण और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।
पुलिस ने आम नागरिकों और ग्रामीणों से अपील की है कि वे सुरक्षा बलों का सहयोग करते हुए किसी भी संदिग्ध गतिविधि या सामग्री की जानकारी तुरंत दें। साथ ही यह भी संभावना जताई गई है कि अबूझमाड़ के जंगलों में और भी हथियार एवं विस्फोटक छिपाए गए हो सकते हैं, जिनकी तलाश आगे भी जारी रहेगी।
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