नारायणपुर , मई 02 -- छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले में विकास कार्यों को तेज गति देने के प्रयासों के तहत प्रदेश की अपर मुख्य सचिव (वन एवं जलवायु परिवर्तन) ऋचा शर्मा ने शनिवार को जिले के दूरस्थ और पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर विभिन्न योजनाओं और निर्माण कार्यों का जमीनी निरीक्षण किया।

सुश्री शर्मा ने बोरपाल, ईरकभट्टी, कानागांव और कुतुल सहित कई गांवों का दौरा कर तेंदूपत्ता खरीदी केंद्रों एवं निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने बोरपाल स्थित तेंदूपत्ता खरीदी केंद्र से निरीक्षण की शुरुआत करते हुए वन विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

इसके बाद उन्होंने बिजली क्षेत्र के खरीदी केंद्र का निरीक्षण कर ग्रामीणों को अधिक से अधिक तेंदूपत्ता संग्रहण कर अपनी आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। नारायणपुर के तेंदूपत्ता गोदाम में भंडारण व्यवस्था का अवलोकन करते हुए उन्होंने बेहतर रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

हाल ही में नक्सल मुक्त हुए कानागांव में पहली बार तेंदूपत्ता खरीदी केंद्र के संचालन को उन्होंने विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। इस दौरान ग्रामीणों ने ईरकभट्टी से कानागांव तक तीन किलोमीटर सड़क निर्माण की मांग रखी, जिस पर उन्होंने शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया।

ईरकभट्टी में नवनिर्मित उप स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करते हुए शर्मा ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं से संवाद किया। महिलाओं ने पत्तल निर्माण एवं इमली खरीदी के लिए शेड निर्माण की मांग रखी, जिस पर कलेक्टर नम्रता जैन ने जल्द स्वीकृति देने की बात कही। इस अवसर पर महिलाओं को साड़ी वितरित कर उन्हें तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए प्रोत्साहित भी किया गया।

दौरे के दौरान सुश्री शर्मा ने कुतुल और आकाबेड़ा में भी निर्माण कार्यों एवं तेंदूपत्ता खरीदी केंद्रों का निरीक्षण करते हुए संबंधित एजेंसियों को समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक रंजीता गुप्ता, कलेक्टर नम्रता जैन, वनमंडलाधिकारी डॉ. वेंकटेशा एमजी, अपर कलेक्टर बीरेंद्र बहादुर पंचभाई सहित वन विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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