हल्द्वानी , मई 16 -- उत्तराखंड के हल्द्वानी में शनिवार को विश्व संवाद केंद्र द्वारा नारद जयंती के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पत्रकारिता एवं समाज जीवन में उल्लेखनीय योगदान देने वाले चुनिंदा पत्रकारों को सम्मानित किया गया। इस दौरान राष्ट्रनिर्माण, समाज जागरण और भारतीय चिंतन में मीडिया की भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई।
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचार प्रमुख पदम जी, राज्य मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविंद सिंह, प्रांत सह प्रचार प्रमुख डॉ. बृजेश बनकोटी, उपश्रमायुक्त कमल जोशी, के प्राचार्य डॉ. नरेंद्र सिंह बनकोटी, सह विभाग संघ चालक डॉ. नीलाम्बर भट्ट तथा वरिष्ठ प्रचारक डालचंद जी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
प्रारंभिक संबोधन में डॉ. बृजेश बनकोटी ने नारद जयंती के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संवाद के माध्यम से ही समाज जागरण का कार्य प्रभावी ढंग से किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि राष्ट्रनिर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम और सामाजिक उत्तरदायित्व है।
मुख्य वक्ता पदम जी ने कहा कि मीडिया का दायित्व समाज को सही दिशा दिखाने के साथ उसे दर्पण दिखाने का भी है। उन्होंने कहा कि विश्व पटल पर भारत की बढ़ती भूमिका के बीच मीडिया को सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए समाज की सज्जन शक्ति को सामने लाना होगा। युवा पीढ़ी की दिशा तय करने और भारत के मूल तत्व को स्थापित करने में पत्रकारिता की अहम भूमिका है।
मुख्य अतिथि प्रो. गोविंद सिंह ने कहा कि आदिऋषि नारद विश्व के प्रथम संचारक थे। भारतीय पत्रकारिता सत्य और मूल्यों पर आधारित रही है, जबकि पश्चिमी पत्रकारिता में नकारात्मकता को अधिक महत्व दिया जाता है। उन्होंने पत्रकारों से राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ समाज और राष्ट्रहित को केंद्र में रखकर कार्य करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कमल जोशी ने कहा कि पत्रकारिता समाज हित और जनजागरण का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा समाज के विभिन्न वर्गों को राष्ट्रकार्य से जोड़ने के प्रयासों की सराहना की।
इस अवसर पर देश की प्रतिष्ठित समाचार एजेंसी यूनीवार्ता के वरिष्ठ संवाददाता रवीन्द्र देवलियाल, वरिष्ठ पत्रकार भगवान सिंह गंगोला, अरविंद कुमार सिंह, मयंक पंत और जगदीश जोशी सहित कई पत्रकारों को समाज, शिक्षा, संस्कृति, साहित्य और पर्यावरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
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