नई दिल्ली , सितंबर 24 -- नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से नारकोटिक्स नियंत्रण पर विजन दस्तावेज 2026-29 के अनुरूप अपने-अपने तीन साल के रोडमैप तैयार करने को कहा है।

ब्यूरो ने ड्रग नेटवर्क को तोड़ने के लिए खुफिया जानकारी साझा करने और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल पर भी जोर दिया।

ब्यूरो द्वारा आयोजित नारकोटिक्स रोधी कार्य बलों के प्रमुखों के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने विजन दस्तावेज को लागू करने का संकल्प दोहराया। सम्मेलन में 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कार्य बलों के प्रमुखों के साथ विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी शामिल हुए।

सम्मेलन में ड्रग तस्करी नेटवर्क और कार्टेल को खत्म करने, ड्रग्स की मांग कम करने, रोकथाम और नशामुक्ति पर चर्चा हुई। ब्यूरो ने जब्ती पर केंद्रित कार्रवाई से आगे बढ़कर पूरे ड्रग नेटवर्क पर कार्रवाई करने, वित्तीय जांच और संगठित तस्करी नेटवर्क के प्रमुख लोगों के खिलाफ कार्रवाई पर जोर दिया।

सम्मेलन में राज्यों से कहा गया कि वे अपनी स्थानीय चुनौतियों और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तीन साल की योजना बनाएं। साथ ही, विभिन्न प्रवर्तन और खुफिया एजेंसियों के बीच जानकारी साझा करने और सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया, ताकि अंतरराष्ट्रीय, अंतरराज्यीय और राज्य के भीतर सक्रिय ड्रग नेटवर्क का पता लगाकर उन्हें खत्म किया जा सके।

सम्मेलन में सिंथेटिक ड्रग्स, प्रीकर्सर रसायनों, गुप्त ड्रग प्रयोगशालाओं, डार्कनेट और क्रिप्टो से जुड़े अपराधों जैसी उभरती चुनौतियों पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा ड्रग मामलों में इंटरपोल और विदेशी एजेंसियों के साथ समन्वय, डिजिटल डेटाबेस के इस्तेमाल और अवैध खेती को नष्ट करने के उपायों पर भी विचार किया गया।

ब्यूरो के महानिदेशक ने कहा कि ड्रग तस्करी की बदलती चुनौतियों से निपटने के लिए अब जब्ती-केंद्रित तरीके से नेटवर्क-केंद्रित तरीके की ओर बढ़ने का समय है। उन्होंने सभी कार्यबलों के प्रमुखों और अन्य प्रतिभागियों से अगले तीन वर्षों में ड्रग्स पर नियंत्रण के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करने का आह्वान किया।

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