चंडीगढ़ , अक्टूबर 27 -- पंजाब सरकार नायक समुदाय को अनुसूचित जाति (एससी) का दर्जा दिलाने के लिए निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर जल्द केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजेगी।
सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने मंगलवार को राज्य विधानसभा में फाजिल्का के विधायक नरिंदर पाल सिंह सावना के सवाल के जवाब में यह जानकारी दी।
डॉ कौर ने सदन को बताया कि किसी समुदाय को अनुसूचित जाति का दर्जा देने से पहले उसकी सामाजिक, आर्थिक, ऐतिहासिक और भौगोलिक पृष्ठभूमि का विस्तृत आकलन किया जाता है। इसमें समुदाय की सामाजिक स्थिति, पारंपरिक पहचान तथा सामाजिक भेदभाव और छुआछूत जैसे पहलुओं की भी जांच की जाती है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में राज्य सरकार उपायुक्तों की विस्तृत रिपोर्ट और सहायक दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई करती है। संबंधित सभी उपायुक्तों से रिपोर्ट मिलने और जरूरी दस्तावेज संकलित होने के बाद प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया जाएगा।
डॉ कौर के अनुसार, राज्य सरकार से प्रस्ताव मिलने के बाद केंद्र सरकार उसकी जांच करेगी। इसके बाद मामला भारत के महापंजीयक (आरजीआई) और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के पास विचार के लिए भेजा जाएगा। निर्धारित प्रक्रिया के तहत सभी प्रासंगिक पहलुओं के व्यापक आकलन के बाद ही केंद्र सरकार समुदाय को अनुसूचित जाति का दर्जा देने पर निर्णय लेती है।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार वंचित और हाशिए पर रह रहे वर्गों के हितों की रक्षा तथा सामाजिक समानता और न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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