भीलवाड़ा , अगस्त 31 -- राजस्थान में भीलवाड़ा में ढोल-नगाड़ों की गूंज, समर्थकों की भीड़,नारों का शोर और हाथों में लहराते झंडे, नामांकन के आखिरी दिन सोमवार को भीलवाड़ा पूरी तरह चुनावी रंग में रंगा नजर आया।
नगर निगम और जिले की 10 नगर पालिकाओं में चुनाव को लेकर प्रत्याशियों ने शक्ति प्रदर्शन के साथ नामांकन दाखिल करने के लिए कलेक्ट्र परिसर और संबंधित उपखंड कार्यालयों का रुख किया। कोई ढोल-नगाड़ों के साथ जुलूस लेकर पहुंचा तो कोई समर्थकों की भीड़ के साथ अपनी ताकत दिखाता नजर आया। सुबह से ही शहर की सड़कों पर जगह-जगह चुनावी हलचल दिखाई देने लगी।
नामांकन दाखिल करने के लिए पूर्वाह्न 10 बजे प्रक्रिया शुरू होते ही कलेक्ट्री परिसर और नगर पालिकाओं के उपखंड कार्यालयों के बाहर प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की आवाजाही बढ़ गयी। अंतिम दिन होने के कारण सुबह से ही दावेदारों में जल्द से जल्द नामांकन दाखिल करने की होड़ रही। कई प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ नारेबाजी करते हुए नामांकन केंद्रों तक पहुंचे।
नामांकन को महज औपचारिकता न मानते हुए कई प्रत्याशियों ने इसे शक्ति प्रदर्शन का मौका भी बनाया। ढोल-नगाड़ों के साथ समर्थकों का हुजूम लेकर पहुंचे प्रत्याशियों ने अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया। समर्थकों में भी खासा उत्साह नजर आया। कहीं पार्टी के झंडे दिखाई दिये तो कहीं प्रत्याशी के समर्थन में नारे गूंजते रहे।
नामांकन केंद्रों के बाहर सुबह से ही चुनावी चर्चा का दौर चलता रहा। कौन किस वार्ड से मैदान में उतरेगा, किसे पार्टी का टिकट मिला और किसका टिकट कट गया, इन सवालों को लेकर समर्थकों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच चर्चाएं होती रहीं।
नामांकन के अंतिम दिन सबसे ज्यादा निगाहें भाजपा और कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशियों पर टिकी हैं। दोनों प्रमुख दलों ने कई सीटों पर प्रत्याशियों की सूची सार्वजनिक करने के बजाय सीधे अधिकृत चिन्ह देने की रणनीति अपनाई है। कुछ दावेदारों को फोन के जरिए नामांकन दाखिल करने की तैयारी रखने की सूचना दिए जाने की भी चर्चा है।
पार्टियों की इस रणनीति के पीछे टिकट को लेकर संभावित बगावत रोकने की कोशिश मानी जा रही है। पार्टी नेतृत्व अंतिम समय तक नामों को गोपनीय रखकर असंतुष्ट दावेदारों को संगठित होने का मौका नहीं देना चाहता।
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