बाराबंकी , अक्टूबर 27 -- बाराबंकी के अपर सत्र न्यायालय स्थित पॉक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश प्रण विजय सिंह ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी लल्लू उर्फ वसीम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

विशेष लोक अभियोजक अजय सिंह सिसोदिया के अनुसार, असंद्रा थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला ने 18 नवंबर 2020 को पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि गांव के लल्लू ने करीब 10 माह पहले उसकी 13 वर्षीय बेटी को बहला-फुसलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और घटना के बारे में किसी को बताने पर धमकी दी। महिला के मुताबिक, बेटी के गर्भवती होने की जानकारी मिलने पर उसने इलाज कराया, तब किशोरी ने उसे पूरी घटना बताई। आरोप है कि अभियुक्त ने गर्भपात कराने के लिए उसे दवा भी खिलाई थी, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई।

पुलिस ने लल्लू उर्फ वसीम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना के बाद पॉक्सो अधिनियम, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं में आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया था।

अभियोजन के अनुसार, पीड़िता ने पुलिस, मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज बयान और अदालत में अभियुक्त के खिलाफ लगाए गए आरोपों का समर्थन किया। मामले में अभियोजन पक्ष ने सात गवाह पेश किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और गवाहों के बयान पर विचार करने के बाद अदालत ने अभियुक्त को पॉक्सो अधिनियम और एससी-एसटी अधिनियम के तहत दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।

अदालत ने निर्देश दिया कि जुर्माने की राशि जमा होने पर पूरी धनराशि पीड़िता को प्रदान की जाए।

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