हैदराबाद , मार्च 12 -- तेलंगाना के हैदराबाद में यौन बाल संरक्षण अधिकार(पॉस्को) अधिनियम की विशेष अदालत ने एक अरबी शिक्षक को नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न मामले में दोषी ठहराते पांच साल की सज़ा सुनाई है।

विशेष सत्र न्यायाधीश जी. उदय भास्कर राव ने मामले की सुनवाई के बाद बुधवार की शाम अपना फैसला सुनाया। न्यायालय ने आरोपी को पांच साल की सज़ा के 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया और पीड़िता को एक लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक चंद्रायनगुट्टा की जीएम कॉलोनी निवासी अब्दुल कय्यूम बिहार के मधुबनी जिले के बसैथा भारी गांव का निवासी है। पीड़िता की माँ ने अपनी आठ साल की बेटी के लिए अब्दुल कय्यूम को अरबी का शिक्षक रखा था। आरोपी ने घर पर ट्यूशन सत्र के दौरान कथित तौर पर ड्राइंग रूम में बच्ची के साथ गलत काम किया, जिससे बच्ची डर के मारे रोने लगी।इसके बाद जब माँ ने शिक्षक से पूछा, तो उसने आरोप से इनकार कर दिया और घर से भाग गया। बाद में बच्ची ने बताया कि आरोपी ने उसे गेम खेलने के लिए एक मोबाइल फ़ोन दिया था और उसके साथ छेड़छाड़ करने का प्रयास किया। पीड़िता की माँ ने बाद में चंद्रायनगुट्टा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।

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