अलवर , अप्रैल 27 -- राजस्थान में अलवर जिले के खैरथल तिजारा जिले के भिवाड़ी में यूआईटी थाने में एक नाबालिग बच्चे के साथ पुलिस की अवैध हिरासत में बर्बरता से मारपीट और थर्ड डिग्री यातना देने के मामले में चोपानकी थाना प्रभारी धारा सिंह सहित चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है।

पीड़ित किशोर की आयु 16 वर्ष है और वह जयपुर के निम्स अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। रविवार को रात 12 बजे तक पुलिस के खिलाफ जारी धरना प्रदर्शन के बाद पुलिस अधीक्षक ब्रजेश उपाध्याय ने प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिये। इसके बाद रात करीब एक बजे मामला दर्ज किया गया। इस मामले की जांच अनुसूचित जाति, जनजाति प्रकोष्ठ के राजस्थान पुलिस सेवा के अधिकारी शीशराम मीना को सौंपी गयी है।

श्री उपाध्याय ने बताया कि किशोर के फेफड़ों में संक्रमण हुआ है। उसका जयपुर के निम्स अस्पताल में यूआईटी थाना अधिकारी दारा सिंह अपनी देखरेख में खुद इलाज करवा रहे हैं। पुलिस पहले उसके इलाज को प्राथमिकता दे रही है। इस पूरे मामले की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अतुल साहू कर रहे हैं। उन्हें निष्पक्ष जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच में जो भी रिपोर्ट आएगी उसके अनुरूप कार्रवाई की जाएगी। पुलिसकर्मी दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।

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