खरगोन , अक्टूबर 07 -- मध्यप्रदेश के खरगोन में कक्षा आठ की नाबालिग छात्रा को बहला-फुसलाकर घर से ले जाने, उससे शादी करने और यौन शोषण के मामले में अदालत ने बुधवार को आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

छठे अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश केपी मरकाम ने आरोपी अरुण को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। अदालत ने उस पर जुर्माना भी लगाया है।

अतिरिक्त जिला लोक अभियोजक सरिता चौहान के अनुसार वर्ष 2021 में गणेश उत्सव के दौरान आरोपी की नाबालिग से पहचान हुई थी। आरोपी ने उसका मोबाइल नंबर लिया और बाद में दोनों के बीच बातचीत होने लगी। अभियोजन के अनुसार आरोपी ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर उसके साथ यौन संबंध बनाए और बाद में शादी का प्रस्ताव रखा।

नाबालिग द्वारा अपनी उम्र कम होने की बात कहे जाने पर आरोपी ने उसे आश्वस्त किया और उसे महाराष्ट्र के भुसावल ले गया। बाद में नेपानगर के एक मंदिर में उससे शादी की और उसके साथ रहा।

पुलिस के अनुसार 13 सितंबर 2022 को नाबालिग के पिता ने उसके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि वह एक रिश्तेदार के यहां कपड़े देने गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। पुलिस ने जांच के दौरान नाबालिग को बरामद कर आरोपी के खिलाफ अपहरण, पॉक्सो अधिनियम और दुष्कर्म सहित संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया था।

अभियोजन के अनुसार एफएसएल रिपोर्ट में दुष्कर्म की स्पष्ट पुष्टि नहीं हुई थी। हालांकि, अदालत ने पीड़िता के विभिन्न स्तरों पर दर्ज बयानों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को विश्वसनीय मानते हुए आरोपी को दोषी ठहराया और 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

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