मोतिहारी , जून 29 -- बिहार के पूर्वी चंपारण जिले की एक अदालत ने सोमवार को नाबालिग किशोरी के अपहरण के मामले में दोषी को पांच साल की सजा सुनाई है। सप्तम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह बच्चों का लैंगिक अपराध से संरक्षण (पॉक्सो) के विशेष न्यायाधीश रजनीश रंजन की अदालत ने नाबालिग किशोरी के अपहरण मामले में एक अभियुक्त को दोषी करार देते हुए पांच वर्ष के सश्रम कारावास और 70 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। न्यायालय ने जुर्माने की वसूली होने पर पूरी राशि पीड़िता को देने तथा उसे पीड़ित प्रतिकर (कंपनसेशन) योजना का लाभ उपलब्ध कराने का भी आदेश दिया।
अदालत ने फेनहारा थाना क्षेत्र निवासी बच्चा अंसारी के पुत्र आफताब अंसारी को भारतीय न्याय संहिता के पूर्व प्रावधानों के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366(ए), 504, 506 तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 8 के तहत दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई।
अभियोजन के अनुसार, फेनहारा थाना कांड संख्या 46/2023 में पीड़िता के पिता ने 13 नामजद आरोपियों के विरुद्ध अपनी नाबालिग पुत्री के अपहरण का मामला दर्ज कराया था। किशोरी की बरामदगी और न्यायालय में दर्ज बयान के बाद पुलिस ने अनुसंधान के बाद आफताब अंसारी के विरुद्ध आरोपपत्र दाखिल किया, जबकि अन्य आरोपियों के विरुद्ध अनुसंधान जारी रखा।
पॉक्सो वाद संख्या 75/2023 के विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक कुमार शिवशंकर सिंह ने अभियोजन की ओर से आठ गवाहों का परीक्षण कराया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
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