कपूरथला , जनवरी 16 -- राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने शुक्रवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 8319.40 करोड़ रूपये की संभाव्यतायुक्त ऋण योजना (पी एल पी) जारी की।

अतिरिक्त उपायुक्त वरिंदर पाल सिंह बाजवा ने जिला परामर्श समिति (डीसीसी) की बैठक के दौरान पीएलपी जारी की। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्राथमिकता क्षेत्र की कुल ऋण क्षमता 8319.40 करोड़ रूपये आंकी गई है। उन्होंने बताया कि इस पीएलपी के आधार पर जिले में कार्यरत सभी बैंक शाखाओं को आगामी वर्ष के लिए प्राथमिकता क्षेत्र दिशानिर्देशों के तहत विशिष्ट ऋण लक्ष्य आवंटित किए जाएंगे।

नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक जसमिंदर सिंह बिंद्रा ने संभावित योजना/क्षेत्र का विस्तृत मदवार विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि कृषि को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और इस क्षेत्र के लिए ऋण का अनुमान 4020.88 करोड़ है। इस राशि में से 2647.13 करोड़ रूपये फसल ऋण के लिए, 804.72 करोड़ रूपये कृषि क्षेत्र के दीर्घकालिक ऋण के लिए, 296.99 करोड़ रूपये कृषि अवसंरचना के लिए और 272.02 करोड़ रूपये सहायक गतिविधियों के लिए निर्धारित हैं, जैसा कि पीएलपी में बताया गया है।

इसके अलावा, योजना में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम, ( एम एस एम ई) क्षेत्र के लिए 2993.61 करोड़ रूपये का अनुमान लगाया गया है। निर्यात ऋण के लिए 430.87 करोड़ रूपये, शिक्षा ऋण के लिए 124.77 करोड़ रूपये और आवास क्षेत्र के लिए 586.87 करोड़ रूपये का अनुमान है। साथ ही, नवीकरणीय ऊर्जा के लिए 12.94 करोड़ रूपये, अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए 49.52 करोड़ रूपये और सामाजिक अवसंरचना के लिए 99.91 करोड़ रूपये का अनुमान लगाया गया है।

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