चंडीगढ़ , मार्च 12 -- राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने गुरुवार को हरियाणा में महिलाओं , किसान समूहों के सशक्तीकरण के लिए महिलाओं के नेतृत्व में विकास तथा किसान समूहों को सशक्त बनाने के लिए गुरुवार को कई पहलों की शुरुआत की।

इन पहलों में किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को मजबूत करने, मूल्य संवर्धन क्षमता बढ़ाने और जलवायु-अनुकूल बुनियादी ढांचे को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से गुरुवार को हरियाणा के कैथल और करनाल जिलों में ग्रामीण विकास की इन महत्वपूर्ण पहलों को शुरू किया।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार नाबार्ड के चेयरमैन डॉ. शाजी के.वी. ने कैथल जिले में इनका शुभारंभ करते हुए कहा कि इनका उद्देश्य महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों को समर्थन देना, आजीविका के अवसरों में विविधता लाना और हरियाणा में टिकाऊ ग्रामीण समृद्धि को बढ़ावा देना है।

नाबार्ड चेयरमैन ने कैथल जिले के फरल गांव में उन्होंने सरस धारा दूध प्रसंस्करण इकाई की आधारशिला भी रखी और विकसित एफपीओ सरसों तेल प्रसंस्करण इकाई तथा उसके बिक्री केंद्र का उद्घाटन किया। नाबार्ड की ओर से इस गांव में कर्ज सुलभता कार्यक्रम भी आयोजित किया, जिसमें बैंक, क्रियान्वयन एजेंसियां, एफपीओ प्रतिनिधि और लाभार्थी शामिल हुए, ताकि ग्रामीण उद्यमों के लिए ऋण संपर्क (क्रेडिट लिंकिंग) को मजबूत किया जा सके।

डॉ शाजी ने जॉइंट लाइबिलिटी ग्रुप (जेएलजी) के सदस्यों तथा खरखौदा ब्लॉक ऑर्गेनिक एफपीओ और जींद किसान जन निर्माण एफपीओ को स्वीकृति चेक भी सौंपे। ये दोनों संगठन भारत सरकार की केंद्रीय क्षेत्र योजना के तहत प्रोत्साहित किए गए हैं, जिससे आजीविका और कृषि आधारित गतिविधियों के लिए ऋण तक पहुंच आसान हो सके।

इसके अलावा, सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, फरल में निर्मित वर्षा जल संचयन रिचार्ज कुएं को भी औपचारिक रूप से समुदाय को सौंपा गया।

नाबार्ड चेयरमैन ने करनाल जिले के मंगलोरा गांव में महिला-नेतृत्व वाले एफपीओ 'हरियाणा अतुल्य नारी शक्ति (हंस) द्वारा स्थापित डेयरी प्रसंस्करण इकाई (बिलोना घी निर्माण) का उद्घाटन किया और महिला सदस्यों व लाभार्थियों से बातचीत की।

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