धर्मशाला , अगस्त 02 -- हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उपाध्यक्ष एवं कांगड़ा के विधायक पवन काजल ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर विपक्षी विधायकों की प्राथमिकता वाली नाबार्ड परियोजनाओं को जानबूझकर लंबित रखकर विकास कार्यों में बाधा डालने का आरोप लगाया है।
राजियाना ग्राम पंचायत के राजियाना सुपर किंग्स युवक मंडल द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री काजल ने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार विपक्षी विधायकों की प्राथमिकता वाली योजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) नीति आयोग स्तर की बैठकों में रोकी जा रही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांगड़ा विधानसभा क्षेत्र में सड़क, पेयजल और अन्य विकास कार्यों से संबंधित नाबार्ड की लगभग 65 करोड़ रुपये की परियोजनाएं पिछले साढ़े तीन वर्षों से लंबित हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र के लिए नाबार्ड मद में करीब 65 लाख रुपये उपलब्ध होने के बावजूद डीपीआर को अब तक मंजूरी नहीं मिली है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
भाजपा विधायक ने कांग्रेस सरकार पर चुनावी वादे पूरे नहीं करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि युवाओं को स्थायी सरकारी नौकरी, महिलाओं को प्रतिमाह 1,500 रुपये और 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने जैसे वादे अब तक पूरे नहीं किये गये हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राशन कार्डधारकों को उचित मूल्य की दुकानों से चीनी और दाल उपलब्ध नहीं कराई जा रही है तथा लाभार्थियों को घटिया गुणवत्ता का आटा और चावल वितरित किया जा रहा है।
लोक निर्माण विभाग पर निशाना साधते हुए श्री काजल ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा समेला सुरंग से कांगड़ा बाईपास तक सड़क चौड़ीकरण के लिए 11.5 करोड़ रुपये स्वीकृत किये जाने के बावजूद विभाग ने मरम्मत और सुधार कार्य शुरू नहीं किया है।
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