पणजी , अक्टूबर 09 -- मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के सटीक कारणों और चिकित्सा परिस्थितियों का पता लगाने के लिए गोवा पुलिस ने अस्वाभाविक परिस्थितियों में मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

यह जांच भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 194 के तहत की जा रही है, जो आधिकारिक जांच की आवश्यकता वाली परिस्थितियों में हुई मौतों की पुलिस पूछताछ का प्रावधान करती है।

श्री पाटेकर (75) को गुरुवार तड़के स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद गोवा के डोना पावला स्थित उनके आवास से बाम्बोलिम के मणिपाल अस्पताल ले जाया गया था। होश में लाने का प्रयास विफल होने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक उन्हें मृत अवस्था में लाया गया था, जिसके कारण पुलिस का मामला दर्ज करना जरूरी है।

प्राथमिक रिपोर्टों के अनुसार, अभिनेता ने सीने के बाईं ओर दर्द और बेचैनी की शिकायत की थी। उन्होंने तड़के करीब 2:30 बजे अपने एक मित्र को संदेश भेजकर तबीयत खराब होने की जानकारी दी थी। बताया जा रहा है कि मित्र तड़के करीब चार बजे श्री पाटेकर के आवास पहुंचा, जिसके बाद चिकित्सा सहायता मांगी गई।

अस्पताल ले जाने से पहले एक मेडिकल टीम ने उन्हें सीने की मालिश कर कृत्रिम तरीके से सांस (सीपीआर) देने का प्रयास किया लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद श्री पाटेकर को बचाया नहीं जा सका और सुबह करीब 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

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