अंकारा , अक्टूबर 03 -- तुर्की और फ्रांस ने दो नाटो सहयोगियों के बीच रक्षा संबंधों और रणनीतिक बातचीत को मजबूत करने के उद्देश्य से एक 'रक्षा सहयोग रोडमैप' पर हस्ताक्षर किये हैं।
तुर्की के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान में कहा कि यह समझौता दिखाता है कि दोनों देशों के नेताओं द्वारा हाल ही में एक-दूसरे को भेजे गये संदेश अब रक्षा क्षेत्र में सहयोग के एक सार्थक और ठोस कदम में बदल गये हैं।
यह रोडमैप तुर्की के रक्षा और सुरक्षा महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल इल्के अल्तिंदाग और फ्रांसीसी सशस्त्र बल मंत्री एलिस रुफो, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के सैन्य चीफ ऑफ स्टाफ जनरल विंसेंट गिराउड और फ्रांसीसी रक्षा मंत्रालय में अंतरराष्ट्रीय संबंध और रणनीति के महानिदेशक गुइल्यूम ओलाग्नियर के बीच उच्च-स्तरीय बातचीत के बाद हस्ताक्षरित किया गया।
मंत्रालय ने कहा, "बातचीत के दौरान द्विपक्षीय रक्षा और सैन्य संबंधों, रणनीतिक बातचीत और मौजूदा सहयोग को विकसित करने के अवसरों पर चर्चा की गई। नियमित और परिणाम-उन्मुख संपर्क बनाए रखने के महत्व की पुष्टि की गयी।"बयान में कहा गया, "रोडमैप का उद्देश्य नियमित और परिणाम-उन्मुख संपर्कों के माध्यम से रणनीतिक बातचीत को मजबूत करना और दोनों देशों के आपसी लाभ के आधार पर सहयोग को और आगे बढ़ाना है।"यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब अंकारा और पेरिस करीबी रक्षा सहयोग पर चर्चा कर रहे हैं, जिसमें तुर्की द्वारा फ्रेंको-इतालवी एसएएमपी/टी वायु रक्षा प्रणाली और मेट्योर मिसाइलों की संभावित खरीद शामिल है। हाल ही में ऐसी खबरें आयी हैं कि फ्रांस ने तुर्की को एसएएमपी/टी प्रणाली की बिक्री के प्रति अपने पिछले विरोध को कम कर दिया है।
तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने यह नहीं बताया कि रोडमैप में विशिष्ट हथियारों की खरीद या अन्य रक्षा अनुबंध शामिल हैं या नहीं।
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