बेंगलुरु , अगस्त 28 -- कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने शुक्रवार को वाल्मीकि कॉर्पोरेशन मामले में मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे की विपक्ष की नई मांगों के बीच उनका बचाव किया और कहा कि उनके इस्तीफे की मांग करने का कोई आधार नहीं है।

श्री परमेश्वर ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि विपक्ष बिना किसी कारण के श्री नागेंद्र के इस्तीफ़े की मांग कर रहा है। उन्होंने कॉर्पोरेशन से कथित तौर पर डायवर्ट की गई राशि का एक बड़ा हिस्सा वापस मिलने की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा, "हमने उन्हें बार-बार बताया है कि उनके इस्तीफ़े की कोई ज़रूरत नहीं है। सीबीआई या ईडी की ओर से दायर चार्जशीट में उनका नाम नहीं है और उनसे कोई पैसा भी बरामद नहीं हुआ है।" डीसीएम ने बताया कि जांच एजेंसियों ने इस मामले से जुड़े 84 करोड़ रुपये में से 79 करोड़ रुपये बरामद कर लिए हैं।

उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब श्री नागेंद्र के इस्तीफ़े की मांग को लेकर भारतीय जनता पार्टी का विरोध तेज़ हो गया है और ऐसी ख़बरें हैं कि मंत्री ने इस्तीफ़ा देने की पेशकश की है। जब उनसे पूछा गया कि क्या मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने दिल्ली दौरे के दौरान कांग्रेस आलाकमान से इस मुद्दे पर चर्चा की थी तो श्री परमेश्वर ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर हमारे आलाकमान से चर्चा की होगी। मुझे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। शायद जब हम कल या कभी भी मिलेंगे तो वह हमें इस बारे में बताएंगे।"यह विवाद 2024 में कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम से कथित तौर पर निधि के गलत इस्तेमाल से जुड़ा है। यह मामला तब सामने आया जब निगम के लेखा अधीक्षक पी. चंद्रशेखरन ने आत्महत्या कर ली और एक नोट छोड़ा जिसमें अनधिकृत स्थानांतरण का आरोप लगाया गया था।

उस समय अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री श्री नागेंद्र ने विवाद के बीच जून 2024 में मंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया था और बाद में उन्हें फिर से शामिल कर लिया गया। तब से विपक्ष ने उनके इस्तीफ़े की मांग फिर से तेज़ कर दी है जबकि सरकार का कहना है कि कथित तौर पर दूसरी जगह इस्तेमाल की गई राशि का एक बड़ा हिस्सा वापस प्राप्त कर लिया गया है।

सरकार ने कहा है कि इस मामले में लगभग 79.68 करोड़ रुपये वसूल किए गए हैं। श्री नागेंद्र ने गलत काम करने से इनकार किया है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित