दीमापुर , सितंबर 05 -- नागालैंड स्कूल शिक्षा विभाग के सलाहकार केख्रिएलहौली योम ने शनिवार को कहा कि राज्य 95.7 प्रतिशत साक्षरता दर के साथ देश का तीसरा सबसे ज्यादा साक्षर राज्य बन गया है।
कोहिमा के स्थानीय मैदान खुओचीज़ी में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित राज्य-स्तरीय शिक्षक दिवस समारोह को संबोधित करते हुए, श्री योम ने बताया कि जब 1963 में नागालैंड देश का राज्य बना तब यहां साक्षरता दर 21.95 प्रतिशत थी। उन्होंने राज्य के सरकारी एवं निजी स्कूलों में काम कर रहे 32,714 शिक्षकों को इस उपलब्धि के लिए बधाई और धन्यवाद दिया।
श्री योम ने शिक्षण को एक नेक पेशा बताया क्योंकि बच्चों के प्रति प्यार और देखभाल के मामले में शिक्षक छात्रों के बीच कोई भेदभाव नहीं करते हैं।उन्होंने शिक्षकों से 'जेन जेड' और 'जेन अल्फा' पीढ़ी के बच्चों को नेतृत्व की भूमिकाओं के लिए तैयार करने को कहा क्योंकि 2035 तक वे सरकारी और निजी, दोनों ही क्षेत्रों में कामकाज संभाल रहे होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य का स्कूली पारिस्थितिकी तंत्र तीन स्तंभों के माध्यम से स्कूलों में बदलाव ला रहा है जिसमें अवसंरचन, मानव संसाधन प्रबंधन और पाठ्यक्रम डिज़ाइन शामिल हैं।
श्री योम ने कहा कि अवसंरचना से जुड़ी चुनौतियों को विकास परियोजनाओं के माध्यम से हल किया जा सकता है। वहीं, मानव संसाधन प्रबंधन में शिक्षकों के प्रशिक्षण, स्कूलों और क्षेत्रीय अधिकारियों तथा निदेशालय के बीच संचार के माध्यम से प्रशासन और शासन में सुधार किया जा सकता है जबकि स्कूल प्रणालियों को स्कूल शिक्षक प्रणालियों के माध्यम से बेहतर बनाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार क्लासरूम में राज्य सरकार नए और नवोन्मेषी पाठ्यक्रम डिज़ाइनों के माध्यम से कक्षाओं में विश्वस्तरीय शिक्षा प्रणालियां लागू करेगी ताकि बच्चों में वह कौशल विकसित हो सके जिनकी उन्हें आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सरकार का दृष्टिकोण जेन जेड, जेन अल्फा और जेन बीटा को विश्वस्तरीय बनाना है।
समारोह के दौरान राज्य के पांच जिलों के 12 शिक्षकों को राज्य शिक्षक पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया।
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