दीमापुर , जनवरी 25 -- नागालैंड के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने रविवार को कहा कि इस गणतंत्र दिवस को हम महज उत्सव न मानकर इसे एक संकल्प के रूप में देखें।
श्री भल्ला ने कहा, "हमें सद्भाव के साथ मिलकर काम करने, विविधता का सम्मान करने और ईमानदारी से राष्ट्र सेवा करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराना चाहिए। हमें संकीर्ण स्वार्थों से ऊपर उठकर सामूहिक भलाई को प्राथमिकता देनी चाहिए।"गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर अपने संदेश में श्री भल्ला ने ग्रामीण विकास के माध्यम से गांवों के परिवर्तन पर जोर दिया। इस अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल अतीत का उत्सव नहीं है, बल्कि यह हमारे राष्ट्र को परिभाषित करने वाले आदर्शों के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को सुनिश्चित करता है।इस मौके पर उन्होंने कहा कि राज्य में ग्रामीण समुदायों को कौशल, बाजार और आधुनिक बुनियादी सुविधाओं से मजबूत बनाना महत्वपूर्ण प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष का समारोह दो शक्तिशाली राष्ट्रीय विषयों 'वंदे मातरम्' से गहराई से जुड़ा है, जो हमारे राष्ट्रीय गीत की 150वीं वर्षगांठ का प्रतीक है और 'आत्मनिर्भर भारत', जो आत्मनिर्भर, समृद्ध और तकनीकी रूप से सशक्त भारत के हमारे संकल्प को दर्शाता है।
श्री भल्ला ने कहा कि समृद्ध जैव विविधता और स्वच्छ मनोरम प्राकृतिक दृश्यों से भरपूर नागालैंड पारिस्थितिक संतुलन को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है ।इसके साथ ही जन केंद्रित पर्यावरण के अनुकूल विकास भी करना है।
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