नागपुर , दिसंबर 13 -- महाराष्ट्र विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान शनिवार को यहां विधान भवन परिसर में शिक्षक विधायकों ने पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) लागू करने और लंबे समय से वित्तीय सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों से जुड़े लंबित मुद्दों को हल करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
विभिन्न दलों के विधायक 'वन मिशन, ओल्ड पेंशन' लिखे नारों वाली पीली टोपी पहनकर प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने "पेंशन हमारा अधिकार है, दान नहीं" जैसे नारे लगाए और राज्य सरकार से शीघ्र ही शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मियों के लिए ओपीएस पर निर्णय लेने की अपील की।
प्रदर्शन में शिक्षक विधायकों में विक्रम काले, किरण सरनायक, जे.एम. अभ्यंकर, प्रोफेसर किशोर दराड़े, प्रोफेसर जयंत असगांवकर और ज्ञानेश्वर म्हात्रे शामिल थे।
प्रदर्शन कर रहे विधायकों ने कमियों को सुधारने वाले विद्यालयों को अनुमोदन पर्चियां जारी करना, योग्य विद्यालयों को अनुदान जारी करना और सीनियर कॉलेजों को स्थायी अनुदान सहायता स्टेटस देना जैसे अन्य मांगों को भी प्रमुखता से उठाया।
पत्रकारों से बातचीत में विधायक विक्रम काले ने कहा कि वर्तमान शीतकालीन सत्र में हुए अधिकतर प्रदर्शन शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों से संबंधित हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित