नागपुर , अप्रैल 20 -- महाराष्ट्र के नागपुर में एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) से जुड़े निदेशक को हिंदू महिला कर्मचारियों पर मुस्लिम धार्मिक रीति-रिवाजों को मानने के लिए दबाव डालने और उन्हें प्रताड़ित करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
आरोपी की पहचान रियाज काजी (48) के रूप में हुई है, जो 'फिक्र फाउंडेशन' और 'पढ़े हम पढ़ाए हम' नामक एनजीओ से जुड़ा है। रियाज काजी पर आरोप है कि उसने हिंदू कर्मचारियों को रोजाना नमाज पढ़ने और रोजा रखने के लिए मजबूर किया।
पुलिस के अनुसार कई हिंदू महिला कर्मचारियों ने उन पर अपनी धार्मिक मान्यताओं और प्रथाओं को अपनाने के लिए धमकाने और मजबूर करने का आरोप लगाया है।
एक पीड़िता ने दर्ज कराये शिकायत में आरोप लगाया है कि काजी ने लगभग दो साल पहले कार्यालय परिसर में उसके साथ छेड़छाड़ की थी और विरोध के बावजूद उसे प्रताड़ित करना जारी रखा। उस पर महिला कर्मचारियों के साथ बार-बार अपनी धार्मिक मान्यताओं को बढ़ावा देने वाली बातें करने और उन्हें उन पर चलने के लिए मजबूर करने का भी आरोप है।
यह मामला हाल ही में तब और बढ़ गया जब काजी ने कथित तौर पर एक पूर्व कर्मचारी की मां से संपर्क किया और अन्य महिलाओं के बारे में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया।
मानकापुर पुलिस ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसे रविवार को अदालत में पेश किया , जहां से उसे 23 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस ने बताया कि काजी पर कम से कम चार महिला कर्मचारियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने, उनकी मांगें न मानने पर नौकरी से निकालने और नुकसान पहुंचाने की धमकी देने का भी आरोप है।
पुलिस ने आगे कहा कि इस बात की जांच की जा रही है कि क्या इस मामले में और भी लोग शामिल थे और क्या कुछ अन्य महिलाएं भी इसी तरह के उत्पीड़न का शिकार हुई हैं।
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