नागपुर , जून 20 -- नागपुर में 24 घंटे पेयजल आपूर्ति के उद्देश्य से शुरू की गयी परियोजना पर 2,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किये जाने के बावजूद शहरवासियों को अब तक निर्बाध जलापूर्ति नहीं मिल सकी है।
नागपुर महानगरपालिका (एनएमसी) की इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य पूरे शहर में चौबीसों घंटे जलापूर्ति सुनिश्चित करना था, लेकिन परियोजना के कई महत्वपूर्ण कार्य अब भी अधूरे हैं। अधिकारियों के अनुसार पाइपलाइन बिछाने, सड़कों की मरम्मत और पुनर्वास संबंधी कार्यों में देरी के कारण योजना अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच पायी है। परियोजना से जुड़े कुछ ठेकेदारों को भुगतान किये जाने के बावजूद कई कार्य पूरे नहीं किये गये।
महानगरपालिका ने संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। दूसरी ओर, शहर के कई इलाकों में अब भी अनियमित और अपर्याप्त जलापूर्ति की समस्या बनी हुई है। गर्मी के मौसम में बढ़ते जल संकट के बीच नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने परियोजना पर हुए खर्च का व्यापक ऑडिट कराने तथा शेष कार्यों को पूरा करने के लिए निश्चित समयसीमा तय करने की मांग की है।
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