अमृतसर , मई 08 -- पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने शुक्रवार को "युद्ध नशे विरुद्ध" अभियान के तहत सरकारी स्कूल शिक्षकों के लिए आयोजित क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।

सरकारी कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल, महा सिंह गेट में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों के व्यवहार को सही दिशा देने, उन्हें नशों से दूर रखने और मानसिक रूप से मजबूत बनाने में शिक्षकों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने शिक्षकों को "राष्ट्र निर्माता" बताया और कहा कि वे "युद्ध नशे विरुद्ध" अभियान को जन आंदोलन बनाने में अहम योगदान देंगे। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार डॉ. बी. आर. अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज और डीआईटीएसयू के सहयोग से मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मदद से यह प्रमुख कार्यक्रम चला रही है। इसके तहत पंजाब के नौ जिलों के 1,400 प्रधानाचार्यो को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इस पहल की शुरुआत अमृतसर से हुई है, जहां जिले के 3,238 शिक्षकों को 16 दिनों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण सत्र सरकारी कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल महा सिंह गेट, सरागढ़ी मेमोरियल स्कूल ऑफ एमिनेंस, टाउन हॉल मॉल मंडी और मेरिटोरियस छात्रों के आवासीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित होंगे। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत शिक्षकों को विद्यार्थियों में नशों के दुष्प्रभाव के प्रति जागरूकता फैलाने, मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान करने और युवाओं को सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि संवेदनशील शिक्षक और बेहतर शिक्षा मिलकर नशामुक्त और मानसिक रूप से मजबूत पंजाब की नींव रख सकते हैं।

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