रोपड़/अमृतसर , सितंबर 04 -- श्री अकाल तख्त साहिब से शुरू हुआ मीरी-पीरी खालसा मार्च अपने दूसरे चरण के तहत गुरुद्वारा श्री भट्ठा साहिब, रोपड़ में रात्रि विश्राम के बाद शुक्रवार को अगले पड़ाव तख्त श्री केसगढ़ साहिब, श्री आनंदपुर साहिब के लिए रवाना हुआ।

इस अवसर पर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज, तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी और वरिष्ठ अकाली नेता एवं पूर्व मंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा समेत प्रमुख धार्मिक एवं राजनीतिक हस्तियां मौजूद रहीं।

समागम को संबोधित करते हुए ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब से शुरू हुआ मीरी-पीरी खालसा मार्च अब तक सैकड़ों गांवों से गुजरते हुए गुरु के सिद्धांतों और पंथक परंपराओं का संदेश दे चुका है। उन्होंने कहा कि गांवों में बुजुर्गों से बातचीत के दौरान पंजाब में नशे की गंभीर समस्या का पता चला है। कई गांवों में 10 से 15 तक युवा नशे की चपेट में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नशा बेचने वालों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं कर रही, जबकि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को कथित सरकारी उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने युवाओं से नशे की बुराई त्यागने और सिख सिद्धांतों के प्रति समर्पित होने का आह्वान किया। ज्ञानी गड़गज्ज ने कहा कि खालसा मार्च के दौरान बड़ी संख्या में युवाओं ने सिख स्वरूप में लौटने और नशे से दूर रहने का संकल्प लिया है। उन्होंने इसे मार्च की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य सिख सिद्धांतों का प्रचार करने के साथ सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूकता पैदा करना है। उन्होंने प्रत्येक सिख से गुरु के सिद्धांतों और श्री अकाल तख्त साहिब के प्रति समर्पित रहने की अपील की।

एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि गुरु साहिब ने समाज में व्याप्त ऊंच-नीच और जात-पात के भेदभाव को समाप्त कर प्रत्येक व्यक्ति को समानता और सम्मान का अधिकार दिया। छठे पातशाह श्री गुरु हरिगोबिंद साहिब ने सिखों को मीरी-पीरी का सिद्धांत देकर संत-सिपाही बनने का मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय ने गुरु द्वारा दिये सिद्धांतों पर चलते हुए हमेशा मानवता और सर्वहित के लिए कार्य किया है। जरूरत के समय शिरोमणि कमेटी ने भी हमेशा अग्रणी भूमिका निभायी है।

उन्होंने बताया कि नेपाल में हाल में आयी बाढ़ से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए भी शिरोमणि कमेटी द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं और सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल वहां भेजा गया है। एडवोकेट धामी ने कहा कि मीरी-पीरी खालसा मार्च का उद्देश्य गुरु साहिब द्वारा दिये मानवता के कल्याण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि विभिन्न गांवों में संगत द्वारा मार्च को मिल रहा समर्थन इस बात का प्रमाण है कि सिख समुदाय श्री अकाल तख्त साहिब के प्रति समर्पित है। उन्होंने मार्च के दौरान सेवाएं निभाने वाली संगत का आभार जताया।

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