चंडीगढ़ , अक्टूबर 20 -- पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने देश में नशे के बढ़ते कारोबार, दवाओं की अवैध बिक्री और युवाओं पर इसके दुष्प्रभाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगा है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को बताना चाहिए कि नशा तस्करी के बड़े नेटवर्क को तोड़ने और पंजाब के युवाओं को इस खतरे से बचाने के लिए अब तक क्या ठोस कार्रवाई की गई है।

दशहरा समारोह के दौरान मीडिया से बातचीत में श्री सिंह ने कहा कि भाजपा पिछले 13 वर्षों से केंद्र की सत्ता में है और श्री शाह केंद्रीय गृह मंत्री हैं। ऐसे में पंजाब और देश के अन्य राज्यों में नशे के कारोबार के विस्तार की जिम्मेदारी से केंद्र सरकार बच नहीं सकती। उन्होंने सवाल किया कि यदि केंद्र सरकार को पंजाब में नशे की जमीनी स्थिति की जानकारी थी, तो इस समस्या पर अंकुश लगाने के लिए क्या प्रभावी कदम उठाए गए? उन्होंने कहा कि केवल 'नशामुक्त भारत' के नारे लगाने और बड़ी घोषणाएं करने से नशे का कारोबार खत्म नहीं होगा। इसके लिए प्रभावी रणनीति, सख्त कार्रवाई और केंद्र तथा राज्य सरकारों के बीच स्पष्ट जवाबदेही जरूरी है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि नशे की समस्या केवल पंजाब की कानून-व्यवस्था से जुड़ा मामला नहीं है। सीमा पार से होने वाली तस्करी, नशे की आपूर्ति, बड़े तस्करी नेटवर्क और फार्मास्युटिकल दवाओं के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने में केंद्रीय एजेंसियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। केंद्र को सार्वजनिक करना चाहिए कि इन नेटवर्कों को ध्वस्त करने और बड़े तस्करों के खिलाफ कार्रवाई में अब तक क्या परिणाम हासिल हुए हैं।

श्री सिंह ने कहा कि नशे की लत के कारण युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है और परिवार अपने बच्चों को इसकी गिरफ्त में जाते देखकर परेशान हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से नशे की पूरी आपूर्ति शृंखला को तोड़ने के लिए समयबद्ध कार्रवाई करने तथा अब तक उठाए गए कदमों और उनके परिणामों का विस्तृत ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा किपंजाब की युवा पीढ़ी का भविष्य राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से सुरक्षित नहीं किया जा सकता। इसके लिए जवाबदेही तय करने, नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क को खत्म करने और प्रभावी कार्रवाई करने की जरूरत है।

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