अमृतसर , सितंबर 18 -- माई भारत अमृतसर की ओर से शुक्रवार को सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), लोपोके में 'विकसित भारत युवा कनेक्ट-नशा मुक्त युवा' कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में जिला युवा अधिकारी प्रणव चावला, आईटीआई लोपोके के प्रधानाचार्य जतिंदर सिंह हंस तथा माई भारत के राष्ट्रीय युवा आइकन दिवजोत सिंह अरोड़ा ने युवाओं को संबोधित किया। इस दौरान नशे से होने वाले नुकसान पर आधारित वृत्तचित्र और प्रस्तुतियां भी दिखायी गयी। कार्यक्रम में शामिल सभी प्रतिभागियों ने 'नशा मुक्त युवा' शपथ ली और स्वयं नशे से दूर रहने तथा अपने परिचितों को भी नशे से बचाने का संकल्प लिया। युवाओं को 'विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग' (वीबीवाईएलडी) क्विज में भाग लेने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि यह प्रतियोगिता राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचती है, जिसके अंतिम चरण में भारत मंडपम, नयी दिल्ली में देशभर से चुने गए 3,000 युवा प्रतिनिधियों को राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ संवाद करने और सार्वजनिक नीति एवं शासन से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखने का अवसर मिलेगा।
जिला युवा अधिकारी चावला ने बताया कि 'नशा मुक्त युवा-विकसित भारत' अभियान के तहत अमृतसर जिले के विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग केंद्रों और आईटीआई में इसी तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। उन्होंने युवाओं से राष्ट्रीय स्तर की वीबीवाईएलडी प्रतियोगिता में नि:शुल्क पंजीकरण कर भाग लेने की अपील की।
श्री चावला ने जिले में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलने वाले 'सेवा पखवाड़ा-2026' के शुभारंभ की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पखवाड़े के दौरान जिले के विभिन्न ब्लॉकों में माई भारत अमृतसर और संबद्ध युवा क्लबों की ओर से स्वच्छता अभियान, रक्तदान शिविर, स्वच्छता रैलियां और पौधरोपण अभियान आयोजित किये जायेंगे। उन्होंने बताया कि 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर विशेष कार्यक्रम होंगे, जबकि सेवा पखवाड़े का समापन 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के साथ होगा।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने नशामुक्ति की शपथ ली और प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले युवाओं को प्रमाणपत्र वितरित किये गये। आईटीआई के प्रधानाचार्य जतिंदर सिंह हंस ने विद्यार्थियों से अनुशासन को जीवन का हिस्सा बनाने और नशे से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों को माई भारत की आगामी पाठ्येतर गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए भी प्रेरित किया।
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