अमृतसर , सितंबर 25 -- केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को ही कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है, जबकि नशा तस्करों के खिलाफ सरकार की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
अमृतसर उत्तर में 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' को संबोधित करते हुए श्री मेघवाल ने कहा कि नशे की समस्या केवल राजनीतिकमुद्दा नहीं, बल्कि पंजाब की युवा पीढ़ी और परिवारों को बचाने का सवाल है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल नशा करने वाले व्यक्ति तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि पूरी आपूर्ति श्रृंखला, तस्करों और उन्हें संरक्षण देने वाले तंत्र के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने कहा कि पंजाब में नशे के कारण परिवार टूट रहे हैं और महिलाएं अपने पुत्रों को खो रही हैं। उन्होंने लोगों से इस अभियान को जन आंदोलन बनाने की अपील की।
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने आरोप लगाया कि पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हुई है और पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को लेकर भी सरकार को परामर्श जारी करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, ''रंगला पंजाब बनाने की बात बाद में करेंगे, पहले पंजाब को बचाना होगा।''पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्वेत मलिक ने कहा कि नशे की त्रासदी केवल आंकड़ों का विषय नहीं, बल्कि पंजाब के घर-घर की समस्या है। राज्य सभा सदस्य विक्रमजीत सिंह साहनी ने नशे के खिलाफ कार्रवाई के संदर्भ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख किया।
श्री रविकरण सिंह काहलों ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई को बीच में नहीं छोड़ा जा सकता और आपूर्ति श्रृंखला पर शिकंजा कसना जरूरी है। श्री सुखमिंदर सिंह पिंटू ने कहा कि पंजाब को नशे, भ्रष्टाचार और असुरक्षा से मुक्त कराने केलिए आगे की दिशा तय करने का निर्णय लोगों को करना है।
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