भदोही , जुलाई 2 -- नशे की लत व ओवर ड्राइविंग राष्ट्रीय राजमार्गों पर युवाओं की मौत का कारण बन रही है। उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में पिछले छह महीने के दौरान 95 सड़क दुर्घटनाओं में 78 लोगों की मौत ट्रैफिक नियमों पर सवालिया निशान लगा रही हैं।

अक्सर देखा जाता है कि आज की शादी-व्याह सहित अन्य समारोहों में बिना ड्रिंक युवाओं की महफ़िल ही नहीं सज पाती। आर्केस्ट्रा व डीजे की धुन पर थिरकने वाले अधिकांश फीसद युवा नशे में होते हैं। सरकारी आंकड़ों पर गौर करें तो लगन चालू होते ही सड़क दुर्घटना में अचानक वृद्धि हो जाती है। रात्रि में शादी से लौटने वाले बाइक-कार सवार हर नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए राष्ट्रीय राजमार्गों पर फर्राटे लगाते हैं।

पिछले छह महीनों के पुलिस आंकड़ों पर गौर करें तो भदोही जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग सहित अन्य प्रमुख सड़कों पर कुल 95 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 78 लोगों को जान गंवानी पड़ी है जबकि 115 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। सूत्रों की मानें तो दुर्घटना के बाद मेडिकल जांच अथवा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में एल्कोहल की ही शिकायतें मिलती हैं।

परिवहन विभाग की मानें तो रात्रि में दस से 02 बजे के बीच लगन में सड़कों पर वाहनों की संख्या अचानक बढ़ जाती हैं। रात्रि में शादी से लौटने वाले बाइक-कार सवार हर नियमों की धज्जियां उड़ाते चलते हैं। ऐसे में सड़क हादसे में लोग गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं, अथवा उनकी मौत हो जाती है।

यातायात निरीक्षक राकेश कुमार सिंह ने बताया कि 60 फीसद से अधिक सड़क दुर्घटनाएं चालकों की लापरवाही और यातायात नियमों के उल्लंघन के कारण होती हैं। हालांकि विभागीय स्तर से जिले में विभिन्न स्थानों पर 190 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, और नियमित वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा है। यातायात नियमों की अनदेखी करने, शराब पीकर वाहन चलाने, मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए ड्राइविंग, हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल न करने वालों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है।

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