चंडीगढ़ , सितंबर 14 -- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोमवार को कहा कि उनकी सरकार ने राज्य में गैंगस्टरों और नशे के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की है, जबकि विपक्ष दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को राजनीतिक मुद्दा बनाकर सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है।

श्री मान ने कहा कि जनवरी से अब तक 10 गैंगस्टरों को विदेश से पंजाब वापस लाया गया है। उन्होंने दावा किया कि सरकार की कार्रवाई के बाद पाकिस्तान से पंजाब में आने वाले करीब 80 प्रतिशत नशे की आपूर्ति पर रोक लगी है। अब गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान के रास्ते आने वाली आपूर्ति को भी समाप्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह से नशीले पदार्थों की तस्करी पर रोक लगायी जाये तो पंजाब में नशे की समस्या काफी हद तक खत्म हो सकती है। उन्होंने दावा किया कि मुंद्रा बंदरगाह से बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद हुए हैं और केंद्र को इस पर जवाब देना चाहिए।

श्री मान ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से तस्करी रोकना मुख्य रूप से केंद्र की जिम्मेदारी है, लेकिन पंजाब सरकार ने अपने खर्च पर सीमा क्षेत्रों में ड्रोन रोधी प्रणालियां स्थापित की हैं। राज्य सरकार नशे की आपूर्ति श्रृंखला, वित्तीय नेटवर्क और संगठित अपराध से जुड़े गिरोहों को निशाना बना रही है। उन्होंने दावा किया कि 2022 से पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने 1.24 लाख गैंगस्टरों और उनके सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान 1,170 हथियार, 15 हैंड ग्रेनेड, 858.26 किलोग्राम हेरोइन, 480.26 किलोग्राम अफीम, 3,056.85 ग्राम सोना और 1.28 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए। उन्होंने कहा कि 18 गैंगस्टरों को विदेश से वापस लाया गया है।

श्री मान ने कांग्रेस और शिअद पर पूर्व में गैंगस्टरों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों दलों को कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाने से पहले अपने कार्यकाल की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने विपक्ष से नशे और गैंगस्टरवाद के खिलाफ सरकार के साथ मिलकर काम करने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नशे और संगठित अपराध के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखेगी तथा पंजाब की शांति, सुरक्षा और प्रतिष्ठा से किसी को खिलवाड़ नहीं करने दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि पंजाब के नदी जल, राजधानी, पंजाब विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम, कृषि कानून और भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) जैसे मुद्दों पर राज्य के हितों की अनदेखी स्वीकार्य नहीं है और पंजाब विशेष पैकेज का हकदार है।

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