भुवनेश्वर , जुलाई 01 -- ओडिशा में नशीले पदार्थों की तस्करी और संगठित ड्रग नेटवर्क पर नकेल कसने के लिए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष नशीले पदार्थ विरोधी कार्यबल (एएनटीएफ) का गठन किया जायेगा।

राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) योगेश बहादुर खुरानिया ने बुधवार को इस की घोषणा की। इस विशिष्ट बल में 10 संचालन इकाई और 19 समर्पित इंटेलिजेंस इकाई शामिल होंगी, जिन्हें अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट की पहचान करने और उन्हें ध्वस्त करने के लिए ओडिशा भर में रणनीतिक रूप से तैनात किया जायेगा।

यहां पुलिस भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में डीजीपी ने घोषणा की कि एएनटीएफ को हर वर्ष कम से कम 100 बड़े ड्रग तस्करों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई करने और राज्य में नशीले पदार्थों के सभी केंद्रों की पहचान कर उन्हें खत्म करने का जिम्मा सौंपा गया है। यह कार्यक्रम नशीले पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) के निर्देशों पर आयोजित किया गया था। इसके तहत देश भर में 26 जून से 10 जुलाई तक राष्ट्रीय स्तर पर 'मुकदमे की सुनवाई से पहले नशीले पदार्थों को नष्ट करने का विशेष अभियान' चलाया जा रहा है।

डीजीपी ने बताया कि नशीले पदार्थों से जुड़े अपराधों की अदालती सुनवाई में तेजी लाने के लिए ओडिशा सरकार ने भुवनेश्वर, खुर्दा, अनुगुल और संबलपुर में चार समर्पित एनडीपीएस अदालतों की स्थापना को भी मंजूरी दे दी है।

श्री खुरानिया ने कहा कि ओडिशा पुलिस अवैध ड्रग व्यापार, गांजे की खेती और नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ शून्य सहनशीलता नीति पर चलना जारी रखेगी। इसके तहत संगठित ड्रग रैकेट के पीछे छिपे मास्टरमाइंड और आर्थिक मदद देने वालों की पहचान करने और उन पर मुकदमा चलाने के लिए वित्तीय जांच पर अधिक जोर दिया जायेगा।

उन्होंने बताया कि ओडिशा पुलिस ने जुलाई 2024 से मार्च 2026 के बीच करीब 1,911 करोड़ रुपये मूल्य की 63,720 एकड़ से अधिक की अवैध गांजे की खेती को नष्ट किया है। इसी अवधि में पुलिस ने एनडीपीएस के 2,445 मामले दर्ज किये, लगभग 2,106 करोड़ रुपये मूल्य का 421 टन गांजा जब्त किया और 3,502 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

उन्होंने बताया कि कोरापुट पुलिस ने गांजे का तेल बनाने वाली एक अवैध यूनिट का भंडाफोड़ किया। इसमें करीब पांच करोड़ रुपये के गांजे के साथ ही 225 करोड़ रुपये मूल्य का लगभग 1,800 लीटर गांजे का तेल जब्त किया गया। इस रैकेट के चार मुख्य आरोपियों को केरल से गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा, विशेष कार्यबल (एसटीएफ) ने कंधमाल, बौद्ध, सोनपुर और पड़ोसी राज्यों में सक्रिय एक अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क के दो सदस्यों को भी गिरफ्तार किया है।

ओडिशा में नशीले पदार्थों को नष्ट करने के मौजूदा अभियान के तहत राज्य भर के सात अधिकृत भस्मीकरण केंद्रों पर करीब 410 करोड़ रुपये के नशीले पदार्थों को नष्ट करने का लक्ष्य रखा है, जिसमें लगभग 80 टन गांजा, 11.4 किलोग्राम ब्राउन शुगर और कफ सिरप की 3,638 बोतलें शामिल हैं। इसमें से लगभग 36 टन गांजा पहले ही नष्ट किया जा चुका है, जबकि बची हुई प्रतिबंधित सामग्री को कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद चरणबद्ध तरीके से नष्ट किया जायेगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित