जयपुर , अगस्त 12 -- राजस्थान के पत्र सूचना कार्यालय ने 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान' विषय पर बुधवार को यहां मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया।

इस आयोजन का उद्देश्य प्रधानमंत्री द्वारा गत दो अगस्त को शुरू किये गये 100 सप्ताह के राष्ट्रव्यापी 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान' को राजस्थान के प्रत्येक कोने तक पहुंचाने में मीडिया की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही नशीले पदार्थों के बढ़ते खतरे के खिलाफ आमजन, विशेषकर युवाओं में जागरुकता बढ़ाना है।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) जोनल डायरेक्टर अभिषेक नारायण सिन्हा ने कहा कि नशा सिर्फ एक कानूनी समस्या नहीं है, बल्कि एक सामाजिक समस्या है। उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय ने गत जून में मादक पदार्थों के नियंत्रण के लिए "विज़न डॉक्यूमेंट ऑन नारकोटिक्स कंट्रोल (2026-2029)" लॉन्च किया है। इस तीन वर्षीय रोडमैप का लक्ष्य खुफिया-आधारित अभियानों, उन्नत तकनीक, और अंतर-एजेंसी समन्वय के माध्यम से पूरे ड्रग नेटवर्क को नष्ट करके 2029 तक भारत को नशा मुक्त बनाना है।

श्री सिन्हा ने कहा कि यह विज़न डॉक्युमेंट चार मुख्य स्तंभों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में एनसीबी के दो प्रमुख कार्यालय हैं, जिनमें से एक जयपुर और दूसरा जोधपुर है। राजस्थान पुलिस समेत विभिन्न एजेंसियों की सहायता से एनसीबी ने पूरे राजस्थान में अब तक चार हज़ार किलोग्राम ड्रग बरामद करके नष्ट किया। राजस्थान में वर्ष 2025 में 6387 मादक पदार्थों के मामले दर्ज हुए थे जबकि गत जुलाई तक लगभग पांच हज़ार से मामले दर्ज हो चुके हैं।

इसके अतिरिक्त नशीले पदार्थ ख़रीद-बिक्री के लिए इस्तेमाल किए जा रहे इमर्जिंग प्लेटफॉर्म जैसे डार्क नेट और क्रिप्टो करेंसी के इस्तेमाल पर भी निगरानी रखी जा रही है। इसके अतिरिक्त एनसीबी के हेल्पलाइन नंबर 1933 पर कोई भी व्यक्ति नशीले मादक पदार्थों से जुड़ी जानकारी दे सकता है। एनसीबी की विशेष कोर्ट की संख्या भी 9 से बढ़ाकर 13 कर दी गई है।

इस अवसर पर पत्र सूचना कार्यालय जयपुर के निदेशक अनुभव बैरवा ने भारत को विश्व का सबसे युवा देश बताते हुए कहा कि वह आज विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। यह हमारी सबसे बड़ी शक्ति है लेकिन यही शक्ति तब कमजोर पड़ जाती है, जब युवा नशे की लत का शिकार हो जाते हैं। इसी गंभीर चुनौती को ध्यान में रखते हुए केन्द्र सरकार द्वारा नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य केवल नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देना नहीं है, बल्कि समाज में ऐसी सकारात्मक सोच विकसित करना है, जहाँ युवा नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल, कौशल, नवाचार और राष्ट्र निर्माण की दिशा में अपनी ऊर्जा का उपयोग करें।

श्री बैरवा ने कहा कि यह जन अभियान है। मीडिया समाज का दर्पण होने के साथ-साथ समाज का मार्गदर्शक भी है। एक सकारात्मक खबर, एक प्रेरक कहानी और एक जागरुकता संदेश हजारों युवाओं को नशे से दूर रहने की प्रेरणा दे सकता है। उन्होंने मीडिया से अपील करते हुए कहा कि नशा मुक्ति अभियान से जुड़ी गतिविधियों, सफल पुनर्वास की कहानियों, जागरुकता कार्यक्रमों, विशेषज्ञों की सलाह तथा युवाओं की सकारात्मक उपलब्धियों को प्रमुखता से स्थान दें।

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