जम्मू , जुलाई 07 -- जम्मू-कश्मीर में 11 अप्रैल से चल रहे 'नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान' के तहत जम्मू संभाग के 10 जिलों में अब तक 962 मामले दर्ज किये गये हैं, 1,140 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है तथा बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ और प्रतिबंधित नशीले पदार्थ जब्त किये गये हैं।
इस 100 दिवसीय 'नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान' का उद्देश्य जनसहभागिता के माध्यम से जम्मू-कश्मीर को नशामुक्त बनाना है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 11 अप्रैल को जम्मू के एमए स्टेडियम से मेगा पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर अभियान का शुभारंभ किया था। अभियान का उद्देश्य नशे के दुरुपयोग पर रोक लगाने और मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करना है।
जम्मू जोन के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) भीम सेन टूटी ने बताया कि अभियान शुरू होने के बाद से पुलिस ने नशा तस्करों और तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि जम्मू जोन के 10 जिलों में अब तक 962 मामले दर्ज किए गए हैं और 1,140 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 15 किलोग्राम हेरोइन, 49 किलोग्राम गांजा, 30 किलोग्राम पोस्ता भूसा तथा छह किलोग्राम चरस बरामद की है। आईजीपी ने बताया कि पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के तहत 30 लोगों को निरुद्ध किया गया है तथा 82 संपत्तियां कुर्क की गई हैं। इसके अलावा 140 कनाल भूमि पर अवैध मादक फसलों को नष्ट किया गया, 121 ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किए गए तथा 153 वाहनों के पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी) ब्लैकलिस्ट किये गये हैं।
उन्होंने बताया कि 4,045 दवा विक्रेताओं और केमिस्ट दुकानों का निरीक्षण भी किया गया है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने विभिन्न हितधारकों के सहयोग से अब तक 2,125 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए हैं, जिनमें लाखों लोगों ने भाग लिया।
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