चंडीगढ़ , सितंबर 16 -- पंजाब आम आदमी पार्टी (आप) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा ) की प्रस्तावित 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' पर पलटवार करते हुए बुधवार को उससे तीन सवाल पूछे। आप के वरिष्ठ नेता एवं कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यात्रा निकालने से पहले भाजपा को गुजरात और राजस्थान से जुड़े कथित नशीले पदार्थों के नेटवर्क, पंजाब की अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा और राज्य के जल अधिकारों पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
चंडीगढ़ में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री चीमा ने कहा कि पंजाब में नशे की समस्या के लिए भाजपा को राज्य को निशाना बनाने के बजाय पहले अपने पार्टी शासित राज्यों में नशीले पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सीमा से लगे 55 किलोमीटर के क्षेत्र में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की जिम्मेदारी है, इसलिए केंद्र सरकार को सीमा सुरक्षा मजबूत करनी चाहिए।
श्री चीमा ने कहा कि भगवंत मान सरकार ने 'युद्ध नशे के विरुद्ध' अभियान के तहत नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ नशे की लत से पीड़ित लोगों के उपचार पर भी जोर दिया है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब पुलिस की क्षमता बढ़ाने के लिए एंटी-ड्रोन प्रणालियां भी तैनात की गई हैं। उन्होंने 2007 से 2017 के शिअद-भाजपा शासन का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उस अवधि में पंजाब में नशे की समस्या बढ़ी और 'चिट्टा' शब्द नशे के संकट से व्यापक रूप से जुड़ा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उस समय सरकारी वाहनों के कथित रूप से नशा तस्करी में इस्तेमाल किए जाने के मामले सामने आए थे।
आप नेता ने कहा कि देश में पकड़ी गई नशीले पदार्थों की बड़ी खेपों के गुजरात और राजस्थान से जुड़े होने के मामले सामने आते रहे हैं और इन राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं। उन्होंने भाजपा से इन राज्यों में तस्करी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
पंजाब के पानी के मुद्दे पर श्री चीमा ने भाजपा से यह भी स्पष्ट करने को कहा कि वह पंजाब के पानी को हरियाणा और राजस्थान भेजने के संबंध में क्या रुख रखती है। उन्होंने कहा कि भाजपा को पंजाब के अधिकारों पर अपना पक्ष स्पष्ट करने के बाद ही राज्य में नशे के खिलाफ अभियान चलाना चाहिए।
श्री गुलजार सिंह की मौत से जुड़े सवाल पर श्री चीमा ने कहा कि मामला अदालत में विचाराधीन है और वह इस पर विस्तार से टिप्पणी नहीं करना चाहते। उन्होंने विपक्ष पर इस मामले में 'लाशों पर राजनीति' करने का आरोप लगाया और कहा कि परिवार का प्रारंभिक बयान सार्वजनिक है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित