मजीठा , सितंबर 25 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्य सभा सदस्य एवं पद्मश्री विक्रमजीत सिंह साहनी ने शुक्रवार को कहा कि पंजाब की लड़ाई केवल नशे के खिलाफ नहीं, बल्कि बेरोजगारी, निराशा और आर्थिक बदहाली के खिलाफ भी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि नशे के खिलाफ सरकार की घोषणाओं के बावजूद युवाओं को कौशल, रोजगार और खेलों से जोड़ने पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।

'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' के तहत मजीठा में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए श्री साहनी ने कहा कि युवाओं के हाथ में कौशल और रोजगार होगा तो वे नशे की ओर नहीं जाएंगे। उन्होंने फसल विविधीकरण के लिए किसानों को स्थायी बाजार और सुनिश्चित आय उपलब्ध कराने तथा पंजाब पर बढ़ते कर्ज के बोझ को कम करने की जरूरत बताई।

श्री साहनी ने मजीठा विधानसभा क्षेत्र में कौशल विकास के लिए अपनी निजी राशि से 51 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने युवाओं को तकनीकी एवं रोजगारपरक प्रशिक्षण देने, महिलाओं को सिलाई, फुलकारी और अचार जैसे घरेलू उद्योगोंसे जोड़ने तथा गांवों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अब भाषणों के बजाय काम करने का समय है।

भाजपा के प्रदेश महासचिव रजनीश धीमान ने कहा कि नशे की उपलब्धता सरकार की कार्रवाई और जवाबदेही पर सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि केवल दिखावटी कार्रवाई या मकान गिराने से समस्या का समाधान नहीं होगा और नशे की आपूर्ति श्रृंखला तथा बड़े तस्करी नेटवर्क पर कार्रवाई जरूरी है।

प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष एवं यात्रा के संयोजक रविकरण सिंह काहलों ने कहा कि पंजाब की पहचान नशे और गैंगस्टरवाद के बजाय मेहनत, हिम्मत और सुरक्षा से होनी चाहिए। उन्होंने नशा तस्करी और गैंगस्टरवाद के खिलाफ कार्रवाई के साथ उपचार, पुनर्वास और युवाओं के रोजगार पर ध्यान देने की जरूरत बताई।

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