पटना, अगस्त 02 -- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को लोक भवन, पटना से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभारंभ किए गए 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प' अभियान के उद्घाटन कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री मोदी एवं राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत) सैयद अता हसनैन ने संबोधित किया। 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प' अभियान का बिहार में राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुये मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में शुरू किए गए इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि विकसित भारत तथा समृद्ध बिहार के लिए नशामुक्त युवा पीढ़ी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का जो संकल्प लिया है, उसे साकार करने में देश के युवाओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होगी। युवा स्वस्थ, अनुशासित और नशे से मुक्त रहेंगे, तभी वे अपनी पूरी क्षमता के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशामुक्ति केवल सरकार या कानून के स्तर पर सफल नहीं हो सकती। सरकार कानून बना सकती है, लेकिन उसका प्रभावी अनुपालन और सामाजिक स्वीकार्यता जनता की सहभागिता से ही संभव है। इसलिए नशे के खिलाफ व्यापक जन-जागरण अभियान चलाने और विशेष रूप से युवाओं को इससे जोड़ने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने बिहार में नशामुक्ति की दिशा में किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में वर्ष 2016 में बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू की गई। आज इसके सकारात्मक परिणाम समाज में दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि शराबबंदी से विशेष रूप से महिलाओं और परिवारों को लाभ हुआ है तथा सामाजिक वातावरण में सकारात्मक बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि बिहार की धरती ने प्राचीन काल में भारत को उसका 'स्वर्ण युग' दिया है। ज्ञान, शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक चेतना के क्षेत्र में बिहार का गौरवशाली इतिहास रहा है। आज एक बार फिर बिहार के युवाओं को अपनी ऊर्जा और प्रतिभा के बल पर विकसित भारत और समृद्ध बिहार के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभानी है।
मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने कहा कि बिहार एक सघन आबादी वाला और बड़ा उपभोक्ता राज्य है। जीएसटी व्यवस्था लागू होने के बाद बिहार जैसे उपभोक्ता राज्यों को इसका महत्वपूर्ण लाभ मिला है। राज्य सरकार बिहार की आर्थिक क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ सामाजिक सुधारों को भी समान प्राथमिकता दे रही है।
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