भुवनेश्वर , अप्रैल 16 -- ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजू जनता दल (बीजद) के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने लोकसभा की सदस्य संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने के बाबत राज्य के सांसदों से अपील की कि वे प्रस्तावित संशोधन के बीच राज्य के हितों की रक्षा करें, जिसमें महिलाओं के लिए आरक्षण को परिसीमन से जोड़ा गया है। उन्होंने राज्य के सांसदों से आह्वान किया है कि हमें इस संशोधन का समर्थन तभी करना चाहिए जब ओडिशा के प्रतिनिधित्व में किसी भी तरह की कमी न हो।
ओडिशा के पांच बार मुख्यमंत्री रह चुके श्री पटनायक ने राज्य के सभी सांसदों को लिखे एक पत्र में आह्वान किया है कि वे 'प्रस्तावित संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 के व्यापक प्रभावों पर ध्यान से विचार करें।'श्री पटनायक ने राज्य के हितों की रक्षा की मांग करते हुए कहा, "यह जरूरी है कि हम स्पष्टता और सुरक्षा उपायों की मांग करें और यदि आवश्यक हो तो महिलाओं के लिए आरक्षण को परिसीमन प्रक्रिया से अलग करने की मांग करें। हमें इस संशोधन का समर्थन तभी करना चाहिए जब ओडिशा के प्रतिनिधित्व में किसी भी तरह की कमी न हो या उसके साथ कोई समझौता न हो।"श्री पटनायक ने कहा कि लोकसभा में ओडिशा की आवाज का कमजोर होना आपदा प्रबंधन से लेकर आदिवासी कल्याण और क्षेत्रीय विकास तक-राज्य की विशेष जरूरतों की वकालत करने की हमारी क्षमता को कमजोर करेगा।
उन्होंने कहा कि यह संशोधन विधेयक केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं है बल्कि यह हमारे संविधान में निहित संघीय भावना को बनाए रखने का मुद्दा है। यदि यह विधेयक लागू होता है, तो लोकसभा में ओडिशा का हिस्सा 3.9 प्रतिशत से घटकर 3.4 प्रतिशत हो जाएगा, जिससे यह अपना हिस्सा खोने वाले शीर्ष 6 राज्यों में शामिल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा 3.9 प्रतिशत के बहुत कम प्रतिनिधित्व को देखते हुए 0.5 प्रतिशत हिस्से का नुकसान एक बहुत बड़ा नुकसान है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित