रायपुर , जून 25 -- त्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में नवा रायपुर स्थित टेक्सटाइल पार्क में पहली गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का गुरुवार को भूमिपूजन किया गया। तमिलनाडु की स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड यहां 235 करोड़ रुपये का निवेश करेगी, जिससे लगभग 4650 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने यूनिट का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर लखन लाल देवांगन ने कहा कि टेक्सटाइल उद्योग केवल औद्योगिक क्षमता का विस्तार नहीं करता, बल्कि हजारों परिवारों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित करता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं और महिलाओं को उनके गृह क्षेत्र के निकट रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

श्री चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ को देश का नया टेक्सटाइल हब बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि निवेशकों को बिजली, पानी, अधोसंरचना और बेहतर कनेक्टिविटी जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जाएंगी।

राज्य सरकार नवा रायपुर में 81 एकड़ क्षेत्र में आधुनिक टेक्सटाइल पार्क विकसित कर रही है। पार्क में टेक्सटाइल, गारमेंट, तकनीकी वस्त्र तथा सहायक उद्योगों की स्थापना के लिए विभिन्न आकार के भूखंड उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यहां सड़क, जल निकासी, विद्युत उपकेंद्र, जलापूर्ति, स्ट्रीट लाइट, प्रशासनिक भवन, व्यावसायिक परिसर, अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र (ईटीपी), ठोस अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र तथा कॉमन फैसिलिटी सेंटर जैसी आधारभूत सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

स्विफ्ट टेक्सटाइल्स की प्रस्तावित इकाई में मुख्य रूप से बच्चों के परिधान (किड्सवियर) और निट गारमेंट्स का निर्माण किया जाएगा, जिनका निर्यात यूरोप और अमेरिका के बाजारों में किया जाएगा।

टेक्सटाइल पार्क में स्विफ्ट टेक्सटाइल्स के अलावा पुनीत क्रिएशन्स और दृष्टि डिजाइन्स एलएलपी को भी भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं। इन तीनों परियोजनाओं में कुल लगभग 445 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है, जिससे 11 हजार से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है।

राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में टेक्सटाइल एवं रेडीमेड गारमेंट्स को थ्रस्ट सेक्टर के रूप में शामिल किया गया है। नीति के तहत श्रम-प्रधान उद्योगों को प्रोत्साहन देने के साथ महिला कर्मचारियों के लिए छह हजार रुपये तथा पुरुष कर्मचारियों के लिए पांच हजार रुपये प्रतिमाह की रोजगार सहायता पांच वर्षों तक उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।

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