लखनऊ , मार्च 22 -- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में 1,228 नव चयनित नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इनमें 1,097 महिलाएं और 131 पुरुष शामिल हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि के पावन अवसर पर इतनी बड़ी संख्या में बेटियों को नियुक्ति पत्र मिलना महिला सशक्तीकरण का सकारात्मक संकेत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज नर्सिंग प्रोफेशन की मांग देश ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ रही है। जापान और जर्मनी जैसे देशों में भी भारतीय नर्सिंग प्रोफेशनल्स की विशेष मांग है। उन्होंने सुझाव दिया कि छात्र-छात्राएं नर्सिंग पाठ्यक्रम के साथ भाषा कौशल भी विकसित करें, ताकि उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर अवसर मिल सकें।
उन्होंने पूर्व की सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि एक समय पूर्वी उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति के लिए जाना जाता था, जहां इंसेफेलाइटिस और डेंगू जैसी बीमारियों से बड़ी संख्या में मौतें होती थीं। वर्तमान सरकार ने स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करते हुए बंद पड़े एएनएम-जीएनएम प्रशिक्षण केंद्रों को पुनः संचालित किया और नए नर्सिंग कॉलेजों का निर्माण तेज किया है।
योगी ने बताया कि प्रदेश में 976 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर टेलीमेडिसिन सुविधा शुरू की गई है और डिजिटल हेल्थ आईडी के रूप में करोड़ों लोगों को जोड़ा गया है। "वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज" योजना के तहत हर जिले में मेडिकल और नर्सिंग संस्थान विकसित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार हुए हैं। एमबीबीएस और पीजी सीटों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, वहीं नर्सिंग और पैरामेडिकल सीटों का भी विस्तार किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में प्रदेश सरकार ने 9 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां पारदर्शी तरीके से दी हैं। उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता मेहनत और योग्यता का परिणाम है। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
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