जम्मू , मई 20 -- जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को यहां नवनियुक्त आरक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए उन्हें मातृभूमि की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए खुद को समर्पित करने तथा इस बल की गौरवशाली विरासत को मजबूत करने की सलाह दी।
उपराज्यपाल ने कहा, "हमें लगातार सावधान और सतर्क रहना चाहिये। कानून-व्यवस्था के खतरों और आतंकवाद की प्रकृति में बदलाव आया है, जिसके लिए उन खतरों के प्रति निरंतर, अडिग सतर्कता और सावधानी की आवश्यकता है, जो बिल्कुल सामने छिपे होते हैं।" उन्होंने कहा कि नवनियुक्त आरक्षकों को एक दल के रूप में काम करना चाहिये क्योंकि जम्मू-कश्मीर जिन खतरों का सामना कर रहा है, वे विभिन्न एजेंसियों के बीच सहयोग की मांग करते हैं।
श्री सिन्हा ने कहा, "जब हम जानकारी साझा करते हैं, रणनीतियां बनाते हैं और मिलकर दुश्मन का सामना करते हैं, तो हम ऐसी क्षमताओं का निर्माण करते हैं जो कोई भी अकेला संस्थान नहीं बना सकता। भारत ने हमेशा शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व, आपसी सद्भावना और सच्ची दोस्ती के मूल्यों को अपनाया है। फिर भी हम एक ऐसे पड़ोसी का सामना कर रहे हैं जो दुनिया में आतंकवाद के स्रोत के रूप में जाना जाता है। कानून-व्यवस्था बनाये रखने के साथ-साथ, नवनियुक्त आरक्षकों को आतंक के खतरों को खत्म करने के संकल्प के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा की अग्रिम पंक्ति में खड़ा होना चाहिये।"उपराज्यपाल ने कहा, "जम्मू-कश्मीर को डर और आतंकवाद से मुक्त कराने के लिए सभी को संकल्प और कुशलता के साथ काम करना चाहिये। आतंकवाद अपने आप नहीं चलता; इसे पैसे, तंत्र और सहायता प्रणालियों की आवश्यकता होती है। कानून की पूरी ताकत का उपयोग करते हुये, हमें वित्तपोषण के स्रोतों का पता लगाना और उन्हें निष्क्रिय करना होगा। हमें आतंकवाद के हर तंत्र की पहचान करनी होगी और हर सहायता प्रणाली को पूरी तरह से ध्वस्त करना होगा।"उपराज्यपाल ने यह भी आगाह किया कि आधुनिक उपकरणों के साथ-साथ पुलिस बल को बुनियादी पुलिसिंग के तौर-तरीकों को भी अपनाना चाहिये। उपराज्यपाल ने कहा, "कानून-व्यवस्था के मामलों में पुलिस की भूमिका बेहद प्रभावी साबित होती है। जब एक आरक्षक यह संकल्प लेता है कि उसके अधिकार क्षेत्र में कोई अपराध नहीं होगा और सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा नहीं किया जायेगा, तो ऐसी अटूट प्रतिबद्धता अनिवार्य रूप से परिणाम देती है।" उपराज्यपाल ने कहा कि सभी नवनियुक्त आरक्षक इस महान विरासत के उत्तराधिकारी हैं और वे इसे और समृद्ध करेंगे। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस की वर्दी देश के इतिहास के ताने-बाने में गुंथी हुई साहस, प्रतिबद्धता और उद्देश्य की कहानी बयां करती है।
श्री सिन्हा ने कहा, "हर बार जब आप वर्दी पहनें, तो याद रखें कि आप इसकी विरासत में एक गौरवशाली अध्याय जोड़ रहे हैं। रक्षा और सेवा के उन आदर्शों पर गर्व करें जो जम्मू-कश्मीर पुलिस का प्रतीक हैं, क्योंकि वे आपके कर्तव्य और आपके सम्मान दोनों को परिभाषित करते हैं।" उपराज्यपाल ने 'नशामुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान' के दौरान मादक पदार्थों के तस्करों और सौदागरों के खिलाफ त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस की सराहना भी की।
उन्होंने कहा, "जम्मू-कश्मीर पुलिस ने नशीले पदार्थों के प्रवेश मार्गों को पूरी तरह से बंद करने के लिए एक व्यापक योजना तैयार की है। मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले दिनों में कार्रवाई सख्त होगी और बड़ी सफलताएं मिलेंगी।" जम्मू-कश्मीर पुलिस बल में 3200 से अधिक नवनियुक्त आरक्षकों को शामिल किया गया।
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