बारां , नवंबर 01 -- राजस्थान में बारां जिला अस्पताल के लेबर रूम में नवजात की मौत की घटना के बाद परिजनों की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों को देखते हुए प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (पीएमओ) डॉ. नरेंद्र मेघवाल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार कार्मिकों को लेबर रूम से हटा दिया है।

इनमें एक गार्ड, दो नर्सिंग स्टाफ और एक सिस्टर शामिल हैं। पीएमओ की इस कार्रवाई के बाद अस्पताल के लेबर रूम में हड़कंप मच गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार नवजात की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में उपचार एवं प्रसव संबंधी व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाए थे। परिजनों की ओर से कथित तौर पर लेनदेन और कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए। मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया।

डॉ. नरेंद्र मेघवाल ने स्पष्ट किया कि अस्पताल के लेबर रूम में किसी भी तरह का लेनदेन या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मरीजों और उनके परिजनों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना प्रत्येक कर्मचारी की जिम्मेदारी है। सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर और निशुल्क चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। कोई कार्मिक इस व्यवस्था में बाधा बनता है या भ्रष्टाचार में लिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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