बैतूल , सितंबर 21 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में जल जीवन मिशन के तहत नल-जल योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही और निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा नहीं करने वाली निर्माण एजेंसियों के खिलाफ लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने सख्त कार्रवाई शुरू की है। विभाग ने सात गांवों की योजनाओं से संबंधित दो अनुबंध तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए हैं, जबकि जिले की 21 अन्य नल-जल योजनाओं की निर्माण एजेंसियों को 14 दिन का अंतिम कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

विभाग के अनुसार, मैसर्स अंबिका कंस्ट्रक्शन कंपनी, ग्वालियर द्वारा पोहर, गदराझिरी, रामघाटी, घोघामल, डोडापोखरनी, जामझिरी और सरंडई में नल-जल योजनाओं का काम कराया जा रहा था। कार्यों की समीक्षा में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने, काम बंद रखने और निर्धारित समयावधि में योजनाएं पूरी नहीं करने की स्थिति सामने आने के बाद अनुबंध क्रमांक 32/2023-24 और 33/2023-24 को अनुबंध की कंडिका 27.3 के तहत निरस्त कर दिया गया।

विभाग ने बताया कि अनुबंध की शर्तों के अनुसार संबंधित निर्माण एजेंसी की परफॉर्मेंस सिक्योरिटी और अतिरिक्त सुरक्षा निधि राजसात करने तथा विलंब के लिए निर्धारित शास्ति वसूलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ग्रामीणों को पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अधूरे कार्यों को दूसरी एजेंसी के माध्यम से पूरा कराने की कार्रवाई भी शुरू की गई है।

इसी तरह भैंसदेही विकासखंड सहित जिले की 21 अन्य नल-जल प्रदाय योजनाओं में निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा नहीं करने, अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करने और बार-बार निर्देश के बावजूद अपेक्षित प्रगति नहीं लाने पर संबंधित निर्माण एजेंसियों को अंतिम कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्हें जवाब के लिए 14 दिन का समय दिया गया है।

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