भिण्ड , सितंबर 15 -- मध्यप्रदेश में भिण्ड जिला चिकित्सालय में 17 वर्षीय मरीज की मौत के मामले में दो नियमित नर्सिंग अफसरों के निलंबन और चार संविदा नर्सिंग अफसरों की सेवा समाप्ति की कार्रवाई के विरोध में नर्सिंग एसोसिएशन ने अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
एसोसिएशन ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन अपर कलेक्टर एलके पांडेय को सौंपा। नर्सिंग स्टाफ ने अस्पताल में मरीजों की संख्या के अनुपात में कर्मचारियों की कमी, उपकरणों की खराब स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने को प्रमुख समस्या बताया।
एसोसिएशन ने ज्ञापन में कहा कि चार सितंबर को 17 वर्षीय जानवी तोमर को तेज बुखार के चलते जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर से महिला मेडिकल वार्ड में भर्ती किया गया था। उस समय वार्ड में करीब 150 मरीज थे। एसोसिएशन के अनुसार आठ सितंबर को मरीज वार्ड से अनुपस्थित मिली और इसकी जानकारी उसकी फाइल में भी दर्ज की गई। बाद में अटेंडर ने मरीज की निजी अस्पताल में मौत होने की जानकारी दी।
इसके बाद सिविल सर्जन ने दो नियमित नर्सिंग अफसर आरती राजावत और प्रियंका कौल को निलंबित किया। वहीं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के चार नर्सिंग अफसर अभिलाषा बाजपेई, सीमा कौशल, देवेंद्र सिंह और कमल किशोर की सेवा समाप्ति के लिए भोपाल कार्यालय को पत्र भेजा गया।
एसोसिएशन ने कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए कहा कि मरीजों की अधिकता और स्टाफ की कमी की जिम्मेदारी केवल नर्सिंग स्टाफ पर डालना उचित नहीं है। ज्ञापन में दावा किया गया कि पहले दो महिला वार्डों में 12 नर्सिंग अफसर कार्यरत थे, लेकिन अब छह ही रह गए हैं। एक शिफ्ट में 150 से अधिक मरीजों पर दो नर्सिंग अफसरों की ड्यूटी लगाने से व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
एसोसिएशन ने कहा कि वार्ड में पर्याप्त उपकरण नहीं हैं, ऑक्सीजन लाइन चालू नहीं है और ऑक्सीजन कन्संट्रेटर भी ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। नर्सिंग एसोसिएशन ने वार्ड में सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था कराने तथा नर्सिंग स्टाफ पर की गई कार्रवाई की समीक्षा करने की मांग की है।
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