देहरादून , अप्रैल 05 -- उत्तराखंड के चमोली जनपद अन्तर्गत स्थित भगवान विष्णु के स्वयंभू स्वरूप श्री बदरीनाथ धाम के कपाट इस वर्ष ग्रीष्मकालीन दर्शनों के लिए आगामी 23 अप्रैल को खुलेंगे।
इससे पहले श्री बदरीनाथ डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत तथा श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के संयुक्त तत्वावधान में आगामी मंगलवार 07 अप्रैल को गाडू घड़ा (तेल कलश) यात्रा रात्रि विश्राम के लिए मंदिर समिति की रेलवे रोड स्थित चेला चेतराम धर्मशाला पहुंचेगी। बुधवार 08 अप्रैल की सुबह श्रद्धालु यहां गाडू घड़ा तेल कलश के दर्शन करेंगे । दर्शन, पूजा-अर्चना एवं प्रसाद वितरण के पश्चात यात्रा अगले पड़ाव लक्ष्मण झूला होते हुए श्रीनगर गढ़वाल को रवाना होगी।
बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमन्त द्विवेदी ने रविवार को बताया कि 07 अप्रैल राजदरबार नरेंद्र नगर से महाराजा मनुजयेंद्र शाह श्री बदरीनाथ गाडूघड़ा तेल कलश यात्रा का शुभारंभ करेंगे। इसी दिन राजमहल में सांसद महारानी माला राज्य लक्ष्मी शाह सहित सुहागिन महिलाएं तिलों का तेल पिरो कर तेल कलश डिमरी पंचायत को सौंपेगे। पवित्र तेल कलश गाडूघड़ा उसी दिन देर शाम मंदिर समिति के चेला चेतराम धर्मशाला रेल्वे रोड ऋषिकेश पहुंचेगा। उन्होंने बताया कि भगवान बदरी विशाल के अभिषेक में प्रयुक्त तेल कलश कुछ दिनों तक डिमरी तीर्थ पुरोहितों के मूल गांव डिम्मर स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में रखा जाता है, जहां इसकी प्रतिदिन विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
यात्रा की निर्धारित तिथियों में 19 अप्रैल को तेल कलश पाखी गांव पहुंचेगा। 20 अप्रैल को श्री नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ तथा रविग्राम, 21 अप्रैल को पांडुकेश्वर में रात्रि विश्राम रहेगा। उन्होंने बताया कि तेल कलश 22 अप्रैल की शाम तक श्री बदरीनाथ धाम पहुंच जाएगा।
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