रायपुर , अगस्त 02 -- ) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि वर्तमान समय में साइबर अपराध बड़ी चुनौती बनकर उभरा है और ऐसे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के साथ अपराधियों को सजा तक पहुंचाने में नए आपराधिक कानून महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में साइबर अपराधों की रोकथाम और जांच को सुदृढ़ करने के लिए नौ साइबर थाने स्थापित किए गए हैं।
रायपुर में नए आपराधिक कानूनों के माध्यम से डिजिटल न्याय व्यवस्था को सशक्त बनाने संबंधी राज्य स्तरीय कार्यशाला के शुभारंभ से पूर्व मीडिया से चर्चा करते हुए श्री साय ने कहा कि नये कानूनों को लेकर आयोजित यह कार्यशाला अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पूरे देश के साथ छत्तीसगढ़ में भी नए आपराधिक कानून प्रभावी ढंग से लागू किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, "अपराध होता है तो अपराधियों तक पहुंचाने के लिए डिजिटल साक्ष्य उपयोगी होते हैं। सीसीटीवी के माध्यम से कई महत्वपूर्ण सबूत मिल जाते हैं। मोबाइल चैट्स, डिजिटल साक्ष्य और फॉरेंसिक की काफी मदद मिलती है। सीसीटीएनएस से काफी मदद मिली है। पूरे देश के थाने इसमें रजिस्टर्ड हैं।"उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीकों के बढ़ते उपयोग से अपराधों की जांच अधिक सटीक और प्रभावी हुई है तथा न्यायिक प्रक्रिया को भी मजबूती मिल रही है।
इस कार्यशाला में श्री साय के साथ छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा तथा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव भी उपस्थित हैं।
कार्यशाला में डिजिटल तकनीकों के समावेश से न्याय व्यवस्था को नया आयाम देने, अंतर-संचालनीय आपराधिक न्याय प्रणाली, अपराध एवं अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क प्रणाली तथा डिजिटल न्यायिक समन्वय जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
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