चंडीगढ़ , जून 15 -- चंडीगढ़ नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन और तकनीक आधारित न्याय व्यवस्था में हरियाणा देशभर में पहले स्थान पर है। यह नेशनल न्यू क्रिमिनल लॉज डैशबोर्ड पर राज्य सात जून से लगातार शीर्ष पर बना हुआ है। पुलिस और न्यायालय प्रणालियों के एकीकरण से नए कानूनों के तहत ई-चार्जशीट की स्वीकार्यता 90 प्रतिशत से अधिक दर्ज की गई है।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में अपराध और अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क और सिस्टम (सीसीटीएनएस) और अंतर-संचालनीय आपराधिक न्याय प्रणाली (आईसीजेएस) की 33वीं राज्य स्तरीय शीर्ष समिति की बैठक में यह जानकारी सामने आयी।

बैठक में बताया गया कि हरियाणा के सभी न्यायालय अब अदालत सूचना प्रणाली के जरिए समन इलेक्ट्रॉनिक रूप से जारी कर रहे हैं। इससे कागजरहित न्याय प्रणाली को बढ़ावा मिला है और आपराधिक जांच व अभियोजन प्रक्रिया पारदर्शी हुई है।

पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने बताया कि जून 2021 से अब तक 59 महीनों में हरियाणा 44 बार राष्ट्रीय डैशबोर्ड पर टॉप पर रहा है। अप्रैल 2026 में भी राज्य ने प्रगति डैशबोर्ड पर पहला स्थान हासिल किया था।

नागरिक सेवाओं में भी हरियाणा पुलिस अव्वल रही। हरसमय पोर्टल पर राइट टू सर्विस डैशबोर्ड पर विभाग को 10 में से 10 अंक मिले हैं। निर्धारित समय में 88.84 लाख से अधिक नागरिक आवेदनों का निपटान किया गया।

मुख्य सचिव ने लंबित परियोजनाएं समय पर पूरी करने और पुलिसिंग-जांच-न्याय वितरण में तकनीक के अधिक उपयोग के निर्देश दिए। आईसीजेएस 2.0 के तहत पुलिस अवसंरचना के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने करीब 34 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इससे डेस्कटॉप, यूपीएस, मल्टी-फंक्शन प्रिंटर, क्यूआर कोड रीडर, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग उपकरण और एलईडी डिस्प्ले खरीदे जा रहे हैं।

राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की एसपी नितिका गहलोत ने बताया कि फिंगरप्रिंट स्कैनर, बायोमेट्रिक उपस्थिति उपकरण और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कैमरे पहले ही उपलब्ध करा दिए गए हैं।

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