नयी दिल्ली , जून 13 -- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के माध्यम से खेल और शारीरिक शिक्षा को शिक्षा व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बनाया गया है।
श्री प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री पद पर 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर शनिवार को भोपाल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मध्यप्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग के साथ शूटिंग अकादमी का दौरा किया और खिलाड़ियों से संवाद कर उनके अनुभवों को जाना। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में पहली बार कौशल विकास को व्यापक स्तर पर बढ़ावा दिया गया है। इसके साथ ही युवाओं को केवल डिग्री आधारित शिक्षा तक सीमित न रखकर उन्हें कौशल, खेल और नवाचार से जोड़ने का कार्य किया गया है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के माध्यम से खेल और शारीरिक शिक्षा को शिक्षा व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बनाया गया है। अब विद्यार्थियों को खेल और पढ़ाई में से किसी एक को चुनने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि दोनों क्षेत्रों में समान रूप से आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त होंगे। इसके लिए खिलाड़ियों और विद्यार्थियों हेतु विशेष पाठ्यक्रम तैयार किए जा रहे हैं, जिससे खेल गतिविधियों और शैक्षणिक उपलब्धियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके।
श्री प्रधान ने बताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पहली बार आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में भी स्पोर्ट्स कोटा की व्यवस्था की गई है। यह पहल खेल प्रतिभाओं को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने और देश में खेल संस्कृति को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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