टिहरी , अक्टूबर, 16 -- उत्तराखंड में नयी टिहरी जिला कारागार में बंदियों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने और उन्हें साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से शुक्रवार को विशेष शिविर आयोजित किया गया। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल के निर्देश पर जिला अग्रणी बैंक के माध्यम से आयोजित शिविर में 80 बंदियों के बैंक खातों की केवाईसी (केवाईसी) पूरी की गई।
शिविर में जनपद के विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग कर बंदियों के बैंक खातों से संबंधित आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कीं। इस दौरान जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक मनीष मिश्रा ने बंदियों को साइबर फ्रॉड के विभिन्न तरीकों, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव और सुरक्षित बैंकिंग के उपायों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि साइबर अपराधों से बचने के लिए बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड और अन्य संवेदनशील विवरण किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने चाहिए। ऑनलाइन लेनदेन के दौरान सतर्कता बरतने और संदिग्ध कॉल, संदेशों तथा लिंक से सावधान रहने की भी जानकारी दी गई।
शिविर का उद्देश्य बंदियों के बैंक खातों की केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें बैंकिंग सेवाओं से जोड़ना तथा सुरक्षित डिजिटल लेनदेन के प्रति जागरूक करना रहा। जिला प्रशासन की इस पहल से बंदियों को बैंकिंग सुविधाओं के उपयोग और साइबर धोखाधड़ी से बचाव के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
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